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तापी बेसिन मेगा रीचार्ज प्रोजेक्ट बदल देगा मध्य प्रदेश की सूरत, एमपी-महाराष्ट्र के बीच साइन हुआ एमओयू

Edited By: Dhyanendra Chauhan @dhyanendraj Published : May 10, 2025 08:28 pm IST, Updated : May 10, 2025 08:30 pm IST

तापी बेसिन मेगा रीचार्ज प्रोजेक्ट से महाराष्ट्र के 2 लाख से ज्यादा हैक्टेयर में किसानों को पानी मिलेगा। महाराष्ट्र बंदरगाहों से एमपी का व्यापार बढ़ेगा। जबलपुर से नागपुर तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा।

सीएम मोहन यादव और सीएम देवेंद्र फडणवीस- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV सीएम मोहन यादव और सीएम देवेंद्र फडणवीस

मध्य प्रदेश के लिए 10 मई का दिन बेहद खास रहा। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने ज्ञान (गरीब-युवा-अन्नदाता-नारी शक्ति) को लेकर एक और ठोस कदम उठाया। दरअसल, शनिवार को मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र ने 'तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना' पर एमओयू साइन साइन किया। इस परियोजना से मध्य प्रदेश में एक लाख और महाराष्ट्र में 2 लाख से ज्यादा हैक्टेयर जमीन पर सिंचाई होगी। 

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की इस संयुक्त परियोजना से हजारों किसानों को फायदा पहुंचेगा। दोनों सरकारों के बीच ये एमओयू महाराष्ट्र अंतरराज्यीय नियंत्रण मंडल की 28वीं बैठक के बाद हुआ। यह बैठक राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ कंवेंशन सेंटर में हुई। बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ-साथ महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फडणवीस भी मौजूद थे। दोनों मुख्यमंत्रियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद दोनों मुख्यमंत्रियों ने एमओयू साइन कर एक-दूसरे के साथ फाइलों का आदान प्रदान किया। 

ताप्ती नदी का महत्व मां नर्मदा की तरह

इस मौके पर सीएम यादव ने कहा कि आज महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के रिश्तों के नए अध्याय की शुरुआत हुई है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने दो राज्यों के बीच होने वाले नदी के समझौतों को गंभीरता से लिया और उसके लिए कोष की व्यवस्था की। गोदावरी और ताप्ती नदी को लेकर हमारा और महाराष्ट्र का अलग संबंध है। ताप्ती नदी का महत्व मां नर्मदा की तरह है। मध्य प्रदेश नदियों का मायका है। यहां से 247 से ज्यादा नदियां बहती हैं। हमारे प्रदेश में कोई ग्लैशियर नहीं है, लेकिन उसके बाद जलराशि इतनी ज्यादा है कि वो गंगा-यमुना से ज्यादा पानी दूसरे प्रदेशों को देती है। हमारी नदियां देश के हर राज्य की नदी से जुड़ी हैं और उन्हें लाभ प्रदान कर रही हैं। 

इसके साथ ही सीएम ने कहा कि तापी बेसिन मेगा रीचार्ज प्रोजेक्ट प्राकृतिक है। पूरे विश्व में इससे अच्छा प्रोजेक्ट कहीं नहीं है। पानी की कमी से कई लोगों को कष्ट था। मुझे इस बात की खुशी है कि ये प्रोजेक्ट पूरे निमाड़ के लिए जीवन रेखा का काम करेगा। इससे भूजल स्तर सुधरेगा और सिंचाई बेहतर होगी। हम महाराष्ट्र से जुड़कर अपनी पुरानी विरासत को जीवित करेंगे। महाराष्ट्र बंदरगाहों से व्यापार बढ़ाएंगे। जबलपुर से नागपुर तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा। इससे लागत मे बचत होगी। प्रदेश के महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर को नासिक के त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर और घृष्णेश्वर से जोड़कर धार्मिक पर्यटन का सर्किट बनाएंगे।  

राज्यों की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी- सीएम फडणवीस

कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आज का दिन एतिहासिक है, क्योंकि, कई सालों से तापी रीचार्ज का प्रोजेक्ट संकल्पित हुआ था। लेकिन, किन्हीं कारणों से पीछे रहा था। आज दोनों राज्यों ने उस पर सहमति व्यक्त की है। हमने उस पर आज हस्ताक्षर भी कर दिए। 25 साल बाद आज अंतरराज्यीय नियंत्रण बोर्ड की मीटिंग हुई। साल 2016 में मोदी सरकार आने के बाद अंतरराज्यीय पानी के समझौतों को एक बल दिया गया। उसके तहत हमने फिर इस पर विचार शुरू किया। 

फडणवीस ने कहा, 'मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने इसमें तेजी दिखाई और प्रोजेक्ट को इस स्तर तक ले आए। तापी मेगा प्रोजेक्ट दुनिया का अजूबा है। हम जब साइट पर गए तो लगा कि एक गुप्त नदी आती है और पानी कूएं में जाता है। लगातार 24 घंटे तक पानी जाने के बावजूद भी कूएं का जलस्तर ओवरफ्लो नहीं होता। इसलिए इस प्रोजेक्ट से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को बड़ा फायदा होने वाला है। इससे ओकाला, बुलढाणा, अमरावती की सूरत बदल जाएगी। लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। किसानों का जीवन बदल जाएगा। ये दोनों राज्यों की अर्थव्यस्था को भी गति देगा। मैं नागपुर से आता हूं। नागपुर विदर्भ का हिस्सा है और विदर्भ प्रदेश की राजधानी हुआ करती थी। इस तरह हमारा और मध्यप्रदेश का गहरा नाता है।'  

एमपी के इतने जिलों को फायदा

गौरतलब है कि तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउंड रिचार्ज परियोजना है। इस परियोजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केंद्र सरकार से चर्चा की जाएगी। इस मेगा रिचार्ज योजना में 31.13 टीएमसी पानी का उपयोग होगा। इसमें से 11.76 टीएमसी मध्यप्रदेश को और 19.36 टीएमसी पानी महाराष्ट्र के हिस्से में आएगा। इस प्रोजेक्ट से मध्य प्रदेश के 1 लाख 23 हजार 82 हैक्टेयर और महाराष्ट्र के 2 लाख 34 हजार 706 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। इससे प्रदेश के बुरहानपुर-खण्डवा जिले की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा की 4 तहसीलें लाभान्वित होंगी। 

यह विश्व का अनूठा प्रोजेक्ट 

एमओयू साइन होने से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, 'तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विकास का नया आयाम स्थापित करेगी। हमारा प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी पड़ोसी राज्यों की जनता के हित में पीने के पानी और सिंचाई सुविधा में लगातार आगे बढ़ रहा है। यह विश्व का अनूठा प्रोजेक्ट होगा। सीएम यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस प्रकार नदी जोड़ों का महाअभियान प्रारंभ किया है, इसमें सहभागिता करते हुए मध्य प्रदेश अपने पड़ोस के सभी राज्यों से तालमेल कर रहा है। प्रदेश में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पर हमने हाल ही में काम शुरू किया है। इससे पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों का जीवन बदलेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार के साथ हमारा पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का काम भी चल रहा है। इससे मालवा और चंबल के कई क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। इसी तरह तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना से निमाड़ क्षेत्र के जिलों को लाभ मिलेगा।'

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