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2006 का वो खतरनाक राजनीतिक मर्डर जिसने हिला दी थी पूरी महाराष्ट्र की सियासत, अब फैसला आने वाला है

 Reported By: Rajesh Kumar,  Sameer Bhise Edited By: Khushbu Rawal
 Published : Jun 16, 2026 11:43 am IST,  Updated : Jun 16, 2026 11:44 am IST

मुंबई की एक स्पेशल CBI कोर्ट महाराष्ट्र के सबसे अहम राजनीतिक मर्डर केस में जल्द अपना फैसला सुनाने वाली है। हत्या का यह बहुचर्चित केस महाराष्ट्र की राजनीति के केंद्र में रहा है क्योंकि इसमें राजनीतिक दुश्मनी, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की साजिश और वरिष्ठ नेता पदमसिंह पाटिल पर मुकदमा चलने जैसे मामले शामिल हैं।

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पवनराजे निंबालकर और पदमसिंह पाटिल की फाइल फोटो। Image Source : FACEBOOK- DR. PADMASINHA PATIL

कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर की 2006 में हुई हत्या के बहुचर्चित मामले में मुंबई की स्पेशल CBI कोर्ट जल्द अपना फैसला सुनाने वाली है। पहले यह फैसला आज आने वाला था लेकिन ओमराजे निम्बालकर के वकील के कहने पर जज ने डेट बदलकर 20 जून कर दी। पूर्व मंत्री पदमसिंह पाटिल सहित 8 आरोपियों के खिलाफ यह फैसला आने वाला है। पदम सिंह पाटिल महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के सगे भाई हैं।

इस मामले में अब तक आए घटनाक्रम के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं-

  1. हत्याकांड: 3 जून 2006 को नवी मुंबई के कलंबोली में कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। निंबालकर और उनके ड्राइवर भूषण महादिक नवी मुंबई के कलंबोली के पास स्कोडा कार से जा रहे थे, तभी दूसरी गाड़ी में सवार हमलावरों ने उन्हें रोका। हमलावरों ने निंबालकर की गाड़ी को रुकने पर मजबूर किया और फायरिं की, जिसमें निंबालकर और उनके ड्राइवर दोनों की मौत हो गई।
  2. मुख्य आरोपी: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अनुसार, राजनीतिक रंजिश के चलते 25 लाख रुपये की सुपारी देकर यह हत्याकांड अंजाम दिया गया जिसमें महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री पदमसिंह बाजीराव पाटिल को मुख्य आरोपी बनाया गया।
  3. गवाह: इस मामले में ज्येष्ठ समाजसेवक अन्ना हजारे सहित 128 लोगों की गवाही दर्ज की गई है। 

यह मामला लगभग 20 साल पुराना है और अदालत अपना फैसला सुनाने जा रही है। मुख्य आरोपियों के स्वास्थ्य कारणों से अदालत ने मई 2026 के मध्य में होने वाली सुनवाई को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया था। 

कौन थे पवनराजे निंबालकर?

पवनराजे निंबालकर उस्मानाबाद जिले के एक प्रमुख कांग्रेस नेता थे। वह एक लोकप्रिय राजनीतिक हस्ती के तौर पर उभरे थे और उन्हें इलाके में वरिष्ठ NCP नेता पदमसिंह पाटिल के दबदबे को चुनौती देने वाले के तौर पर देखा जाने लगा था। पवनराजे ने शुरुआत में पदमसिंह के समर्थन से राजनीति में तरक्की की थी। उन्होंने टेरना शुगर फैक्ट्री और उस्मानाबाद जिला सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक जैसे कोऑपरेटिव संस्थानों में पद संभाले थे। हालांकि, जैसे-जैसे निंबालकर का राजनीतिक प्रभाव बढ़ा, दोनों नेताओं के बीच रिश्ते खराब हो गए। 

दोनों परिवारों का राजनीतिक इतिहास

पवनराजे निम्बालकर और पदमसिंह पाटिल के परिवार की राजनीति महाराष्ट्र के धाराशिव (पूर्व उस्मानाबाद) जिले में लंबे समय से प्रभावशाली रही है। 

दोनों नेताओं के बेटों की राजनीतिक जानकारी इस प्रकार है:

1. ओमराजे निम्बालकर (पवनराजे निम्बालकर के पुत्र)

  • पूरा नाम: ओमप्रकाश भूपालसिंह उर्फ पवनराजे निम्बालकर।
  • पार्टी: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)।
  • 2009 में उस्मानाबाद विधानसभा सीट से विधायक चुने गए।
  • 2019 में धाराशिव (उस्मानाबाद) लोकसभा सीट से सांसद बने।
  • 2024 में दोबारा लोकसभा चुनाव जीतकर लगातार दूसरी बार सांसद बने। 
  • उनके पिता पवनराजे निम्बालकर की 2006 में हत्या हुई थी, जिसके बाद सहानुभूति और स्थानीय जनाधार के आधार पर उन्होंने अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत की। 

2. रणजगजीतसिंह पाटिल (पदमसिंह पाटिल के पुत्र)

  • पार्टी: पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे, बाद में भारतीय जनता पार्टी के साथ राजनीतिक सफर जारी रखा।
  • महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं।
  • राज्य सरकार में उद्योग, राजस्व, कृषि, सांस्कृतिक कार्य, प्रोटोकॉल, रोजगार सहित कई विभागों में राज्यमंत्री का दायित्व संभाल चुके हैं।
  • वर्तमान में धाराशिव विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक हैं। धाराशिव जिले में पाटिल परिवार के प्रमुख राजनीतिक चेहरे माने जाते हैं। 

दोनों परिवारों का राजनीतिक समीकरण-

पवनराजे निम्बालकर और पदमसिंह पाटिल रिश्ते में चचेरे भाई थे। 2006 में पवनराजे की हत्या के मामले में पदमसिंह पाटिल का नाम सामने आया था और इस मामले की न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। इसी वजह से धाराशिव की राजनीति में निम्बालकर और पाटिल परिवारों के बीच वर्षों से तीखा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिलता है। आज भी ओमराजे निम्बालकर और रणजगजीतसिंह पाटिल अपने-अपने दलों के माध्यम से जिले की राजनीति के प्रमुख चेहरे माने जाते हैं।

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