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सचिन वाजे को किसने बनाया 'बलि का बकरा', NIA कोर्ट में दिया बड़ा बयान

महाराष्ट्र पुलिस के बर्खास्त असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) गुरुवार को NIA कोर्ट में बड़ा बयान दिया है। सचिन वाजे ने कोर्ट में कहा, "मुझे बली का बकरा बनाया गया।" वाजे के इस बयान से प्रतीत हो रहा है कि महाराष्ट्र में एंटीलिया विस्फोटक मामले तथा मनसुख हिरेन की हत्या के मामले को लेकर बड़ी साजिश हुई थी।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: March 25, 2021 17:12 IST
Antila bomb scare case: Sachin Vaze statement in NIA Court- India TV Hindi
Image Source : PTI महाराष्ट्र पुलिस के बर्खास्त असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) गुरुवार को NIA कोर्ट में बड़ा बयान दिया है।

मुंबई: महाराष्ट्र पुलिस के बर्खास्त असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) गुरुवार को NIA कोर्ट में बड़ा बयान दिया है। सचिन वाजे ने कोर्ट में कहा, "मुझे  बलि का बकरा बनाया गया।" वाजे के इस बयान से प्रतीत हो रहा है कि महाराष्ट्र में एंटीलिया विस्फोटक मामले तथा मनसुख हिरेन की हत्या के मामले को लेकर बड़ी साजिश हुई थी और उसे उस साजिश की जानकारी थी, शायद इसीलिए उसने कहा है कि उसे बली का बकरा बनाया गया है। कोर्ट में दिए अपने बयान में सचिन वाजे ने कहा कि उसका इस केस से कोई लेना देना नहीं है। NIA कोर्ट में सचिन वाजे ने कहा है कि वह लिखित में अपनी बातें कोर्ट को सौंपेगा। 

बता दें कि NIA ने एंटीलिया के पास से विस्फोटक मिलने के मामले में आरोपी निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं भी लगाई हैं। मुंबई में 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के निकट एक कार से विस्फोटक बरामद हुए थे। इस मामले में वाजे NIA की हिरासत में हैं। NIA ने विशेष NIA अदालत को इस मामले में यूएपीए की धाराएं जोड़ने की जानकारी देते हुए बुधवार को अर्जी दाखिल की। 

सूत्रों के अनुसार मुंबई पुलिस में सहायक निरीक्षक वाजे पर यूएपीपीए की धारा 16 और 18 के तहत आरोप लगाए गए हैं। NIA ने वाजे की हिरासत खत्म होने से एक दिन पहले यह कदम उठाया है। एजेंसी उस कार के मालिक मनसुख हिरन की हत्या के मामले की भी जांच कर रही है। इस बीच, ठाणे की एक अदालत ने बुधवार को महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते को हिरन की मौत के मामले की जांच को रोकने और मामले से संबंधित रिकॉर्ड तत्काल NIA को सौंपने का निर्देश दिया है। 

हिरन का शव पांच मार्च को ठाणे में एक नहर से मिला था। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने 20 मार्च को इस मामले की जांच NIA को सौंप दी थी लेकिन एटीएस की जांच भी जारी थी। एटीएस ने दो दिन पहले दावा किया था कि उसने हिरन की मौत की गुत्थी सुलझा ली है। वहीं, NIA ने हिरन की हत्या के मामले में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को बुधवार शाम हिरासत में ले लिया। एक अधिकारी ने बताया कि NIA ने दोनों निलंबित पुलिसकर्मी विनायक शिंदे और क्रिकेट सटोरिया नरेश गौड़ को हिरासत में लिया। 

अधिकारी ने कहा, ‘‘NIA के सात से आठ अधिकारी यहां एटीएस के दफ्तर में पहुंचे और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।’’ एटीएस ने शिंदे और गौड़ को पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया था। एक अधिकारी ने बताया कि इस बीच, मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के डीसीपी पराग मनेरे शाम में NIA के कार्यालय में पहुंचे। बहरहाल, दक्षिण मुंबई में एजेंसी के कार्यालय में उनके जाने के कारणों के बारे में पता नहीं चल पाया है।

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