महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर को लेकर चर्चाएं तेज हैं। शिंदे गुट से जो खबरें आ रही हैं वो उद्धव ठाकरे की मुश्किलें बढ़ा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट ने उद्धव की पार्टी के सांसदों को तोड़ने के लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत का जुगाड़ कर लिया है। यानि उद्धव गुट के 9 में 7 सांसदों को तोड़ने की पूरी तैयारी हो चुकी है। राज्य में जारी सियासी अटकलों के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत पर बड़ा हमला बोला है। प्रतापराव जाधव ने कहा है कि संजय राउत ने उद्धव ठाकरे की पार्टी को खत्म करने की ठान ली है
क्या बोले प्रतापराव जाधव?
बुलढाणा में मीडिया से बातचीत के दौरान जाधव ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में मौजूद कई सांसद और विधायक असंतोष की स्थिति में हैं। प्रतापराव जाधव ने कहा कि उद्धव ठाकरे के साथ जो भी सांसद और विधायक हैं, उनमें बेचैनी है क्योंकि पार्टी में उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा है। इसी कारण कई जनप्रतिनिधियों ने पार्टी छोड़ने का मन बना लिया है।
‘ऑपरेशन टाइगर’ कब शुरू होगा, इस सवाल पर जाधव ने तंज कसते हुए कहा कि इसकी जानकारी तो संजय राउत ही दे सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय राउत ने मानो यह ठान लिया है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी को खत्म करके ही रहना है।
मुंगंटीवार ने भी संजय राउत पर बोला हमला
दूसरी ओर महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चित “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुंगंटीवार ने भी बड़ा बयान दिया है। मुंगंटीवार ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे की पार्टी के सांसद और विधायक बेचैन तथा असंतुष्ट हैं और पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे और संजय राउत कांग्रेस की भाषा और विचारधारा की बात कर रहे हैं, जिसे बालासाहेब ठाकरे के विचारों पर चलने वाला शिवसैनिक स्वीकार नहीं कर सकता। इसी वजह से पार्टी में टूट-फूट की स्थिति बन रही है। मुंगंटीवार ने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह शल्य कर्ण के सारथी बनकर उसका मनोबल तोड़ते थे, उसी तरह संजय राउत भी जानबूझकर या अनजाने में पार्टी का नुकसान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संजय राउत के कारण ही पार्टी कमजोर हो रही है और वह अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी की मदद कर रहे हैं।
एकजुटता की सफाई देनी पड़ रही है- मुंगंटीवार
बीजेपी नेता मुंगंटीवार ने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे को बार-बार अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह कहना पड़ रहा है कि पार्टी एकजुट है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कभी यह सफाई नहीं देनी पड़ती कि उनके सांसद या विधायक एकजुट हैं। मुंगंटीवार ने कहा, “जब बार-बार एकजुटता की सफाई देनी पड़ रही है, तो इसका मतलब है कि कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ जरूर है। और अगर गड़बड़ है, तो जो तय हुआ है, वह होकर रहेगा।” उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर और शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की चर्चाओं को और बल मिल गया है।
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