महाराष्ट्र: मुंबई की सत्ता यानी BMC पर काबिज होने के लिए महायुति के भीतर खींचतान शुरू हो गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी शिवसेना के लिए 112 सीटों की मांग की है। कल मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच हुई बैठक में इस मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई, लेकिन फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका है।
मराठी वोट बैंक पर नजर
शिवसेना (शिंदे गुट) ने मुंबई के मराठी बहुल इलाकों में अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। सीटों के बंटवारे को लेकर आज यानी मंगलवार को फिर शिवसेना और भाजपा नेताओं के बीच चर्चा होगी।
15 जनवरी को होगी वोटिंग
बता दें कि बृहनमुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 का ऐलान हो चुका है। मुंबई और अन्य 28 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को वोटिंग होगी और अगले ही दिन 16 जनवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे। यानी 16 जनवरी को यह साफ हो जाएगा कि देश की सबसे अमीर नगर निकाय की सत्ता किसके हाथ में होगी।
निर्वाचन आयोग ने पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह से ही नामांकन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने 1 जुलाई 2025 तक अपडेट की गई नई मतदाता सूची को आधार बनाया है, जिसमें मुंबई के लगभग 1.03 करोड़ मतदाता शामिल हैं।
बीएमसी का रणक्षेत्र पहले से हुआ बड़ा
इस बार बीएमसी का रणक्षेत्र पहले से बड़ा होगा। वार्डों के नए सीमांकन के बाद अब पार्षदों की कुल संख्या 227 से बढ़ाकर 236 कर दी गई है। बहुमत का जादुई आंकड़ा पाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 119 सीटों पर जीत दर्ज करनी होगी। इस चुनाव में महिला शक्ति का भी बड़ा प्रभाव दिखेगा, क्योंकि कुल 236 सीटों में से 127 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इसमें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण का प्रावधान किया गया है। यह आरक्षण नीति कई मौजूदा दिग्गजों के समीकरण बिगाड़ सकती है, क्योंकि कई वार्डों की प्रोफाइल पूरी तरह बदल गए हैं।
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