महाराष्ट्र की नासिक पुलिस ने बीते दिनों ढोंगी बाबा अशोक खरात को गिरफ्तार किया था। अशोक खरात पर महिलाओं के साथ दुष्कर्म के आरोप लगे थे, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसी संबंध में अशोक खरात को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल अशोक खरात की पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया था, जहां उसे एक बार फिर से पूछताछ के लिए 1 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। हालांकि खरात के वकील का कहना है कि पुलिस कस्टडी की जरूरत नहीं थी।
कोर्ट ने बढ़ाई कस्टडी
दरअसल, पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद आज अशोक खरात को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में सरकारी वकील द्वारा बताया गया कि SIT को जांच के दौरान मोबाइल डाटा मिला है, जिसमें किस व्यक्ति का नंबर किस नाम से शेव है और उसकी जांच के लिए आरोपी की पुलिस कस्टडी की जरूरी है। वहीं अशोक खरात के वकील ने कोर्ट को बताया कि आगे की जांच के लिए पुलिस के पास भरपूर समय था अब ऐसे में आगे पुलिस कस्टडी की जरूरत नहीं है। फिलहाल कोर्ट में सुनवाई के बाद आरोपी अशोक खरात को 1 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
रूपाली चाकणकर ने दिया इस्तीफा
बता दें कि अशोक खरात की पहुंच राजनीतिक गलियारों तक भी रही है। अशोक खरात के साथ रूपाली चाकणकर का नाम भी जोड़ा गया, जिसके बाद उन्हें विभिन्न पदों से इस्तीफा भी देना पड़ा। रूपाली चाकणकर ने पहले महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया और फिर राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें एनसीपी (अजित पवार गुट) की महिला प्रदेश अध्यक्ष के पद से भी इस्तीफा दे दिया। जांच में खुलासा हुआ है कि अशोक खरात लोगों को झूठ बोलकर चमत्कार करने का वादा करता था और अपने जाल में फंसाकर ठगने का काम करता था।
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