इजरायल और हमास के आतंकियों की बीच लड़ाई जारी है। दोनों तरफ से लोगों की मौत हो रही है। इस मामले पर दुनियाभर के लोगों की अलग-अलग राय है। इस बीच 6 नवंबर को IIT Powai में ह्यूमैनिटी एंड सोशल साइंस विभाग की तरफ से एक सेशन का आयोजन किया गया। इस सेशन को विभाग की एचओडी प्रोफेसर शर्मिष्ठा साहा की तरफ से आयोजित किया गया था, जिसमें गेस्ट लेक्चर के लिए दिल्ली से सुधन्वा देशपांडे पहुंचे। सुधन्वा देशपांडे ने इस कार्यक्रम में हमास के आतंकियों को स्वतंत्रता सेनानी बताया और हमास के आतंकी हमले को ग्लैमराइज करने का प्रयास किया।
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हमास को बताया स्वतंत्रता सेनानी
इस बाबत आईआईटी पवई के छात्रों द्वारा अब विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। एबीवीपी और आईआईटी के छात्रों ने हाथों में बैनर और पोस्टर खूब नारेबाजी की। छात्रों की मांग है कि प्रोफेशर शर्मिष्ठा साहा को आईआईटी पवई से निकाला जाए और सुधन्वा देशपांडे समेत दोनों पर कार्रवाई की जाए। छात्रों का आरोप है कि आईआईटी पवई में हमास जैसे आतंकियों को समर्थन देकर पूरी संस्था को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। यह सही नहीं है। छात्रों का कहना है कि इस मामले की शिकायत पवई पुलिस स्टेशन में की गई है, बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई नहीं की है।
छात्रों की मांग
विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने साफ कर दिया कि अगर प्रोफेसर शर्मिष्ठा साहा और सुधन्वा देशपांडे के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो छात्र फिर से उग्र आंदोलन करेंगे। विरोध प्रदर्श के दौरान छात्र "देश के गद्दारों को गोली मारो", वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे। छात्रों और लोगों की भीड़ बढ़ते देख भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। छात्रों द्वारा कुछ समय के लिए आईआईटी पवन के सामने की सड़क को जाम कर दिया गया था। हालांकि प्रशासन द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद छात्रों को वहां से हटा दिया गया है।