BMC elections: बीएमसी चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछने लगी है। भारतीय जनता पार्टी जगदंबा तलवार के जरिए मुंबई के हिंदुओं को एकजुट करने की रणनीति पर काम कर रही है। बीजेपी ने शिवाजी महाराज के ऐतिहासिक जगदंबा तलवार की प्रतिकृति की पूजा कर अपने बीएमसी चुनाव अभियान की शुरुआत की। मुंबई में ठाकरे बंधुओं के मराठी अस्मिता, मराठी मानुष के कार्ड के काट के रूप में बीजेपी ने इस जगदंबा तलवार को चुनावी मैदान में उतारा है। बीजेपी का कहना है कि यह तलवार मुंबई के लाखों हिंदुओं को एकजुट करेगी और ठाकरे के भ्रष्टाचार को खत्म करेगी।
किस चीज का प्रतीक है जगदंबा तलवार?
दरअसल, जगदंबा तलवार स्वराज, धर्म और न्याय का प्रतीक है। इस तलवार को भवानी माता का स्वरूप कहा जाता है। शिवाजी महाराज ने कई युद्ध में इस तलवार का इस्तेमाल दुश्मनों को संहार के लिए किया था। जगदंबा तलवार की रेप्लिका 17 फीट लंबी है। इसमें ओरिजनल तलवार की तरह 400 से ज्यादा रत्न लगाए गए हैं।
इस समय कहां है जगदंबा तलवार?
शिवाजी महाराज की ओरिजिनल जगदंबा तलवार इस समय लंदन के रॉयल म्यूजियम में है। इस तलवार को भारत लाने का प्रयास किया जा रहा है। करोड़ों शिव भक्त इस जगदंबा तलवार से धार्मिक रूप से जुड़े हुए हैं।
ओरीजनल जगदंबा तलवार कैसी है?
कुल लंबाई: लगभग 110–115 सेमी
धार (ब्लेड) की लंबाई: लगभग 90–95 सेमी
चौड़ाई: लगभग 3–4 सेमी
वजन: अनुमानित 1–1.2 किलोग्राम
धार: एक तरफ तेज (single-edged)
आगे की ओर हल्की वक्रता (कर्व) — युद्ध में तेज वार के लिए उपयुक्त
यह फुर्ती, गति और सटीक वार के लिए बनी युद्ध-तलवार थी
“जगदंबा” नाम का महत्व
जगदंबा = देवी भवानी (तुलजाभवानी)
परंपरा के अनुसार, शिवाजी महाराज देवी भवानी के उपासक थे। मान्यता है कि यह तलवार देवी का आशीर्वाद/प्रसाद मानी जाती थी। इसलिए यह केवल हथियार नहीं, बल्कि धर्म, स्वराज्य और न्याय का प्रतीक थी।
बीजेपी नेता राम कदम ने जगदंबा तलवार को दिखाते हुए बताया कि यह तलवार धर्म और न्याय का प्रतीक है। यह तलवार हिंदुओं को एकजुट करेगी, मराठी के मुद्दे पर ठाकरे के झूठ को बेनकाब करेगी। इस तलवार के साथ ही शिवाजी महाराज और मराठा साम्रज्य के दौरान इस्तमाल होने वाले हथियारों की प्रदर्शनी लगाई गई है। बड़ी संख्या में मुंबईकर इस प्रदर्शनी में आ रहें हैं।