महाराष्ट्र के लातूर जिले के रोहिणा गाव में पुलिस ने छापा मारकर 17 करोड़ की ड्रग्स जब्त की है। इसके साथ ही ड्रग्स बनाने और तस्करी के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस फैक्ट्री का नेतृत्व प्रमोद केंद्रे द्वारा किया जाता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रमोद केंद्र मुंबई पुलिस के कर्मचारी हैं। मुंबई में रहने वाले पांच लोग ड्रग्स का कच्चा माल लाए थे और रोहिणा इलाके में उनमें से एक के खेत में मिक्सिंग सिस्टम लगाया था। इसे नष्ट कर एनसीबी-पुलिस ने पांचों आरोपियों को हिरासत में लिया है। ये सभी लोग मुंबई में आईएमजी बेचते थे।
ऑपरेशन के दौरान जांच एजेंसी ने 11 किलो ड्रग्स का कच्चा माल जब्त किया है। छापेमारी के दौरान मिले रसायनों और प्रयोगशाला उपकरणों से पता चला कि दवाओं का निर्माण खेत में एक शीट शेड में किया जा रहा था। उस छापेमारी में 11 किलो 360 ग्राम ड्रग्स (8 किलो 440 ग्राम सूखा और 2 किलो 921 ग्राम तरल) जब्त किया गया है। कच्चे माल और प्रयोगशाला उपकरण को देखते हुए यह भी आशंका है कि पिछले कई दिनों से इस तरह का काम चल रहा है। डीआरआई अधिकारी इस संबंध में आगे की जांच कर रहे हैं।
पूछताछ कर रहे डीआरआई अधिकारी
इस ऑपरेशन में ड्रग के उत्पादन से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें एक पुलिस कांस्टेबल भी शामिल है। आरोपी कांस्टेबल मीरा भयंदर के नया नगर पुलिस स्टेशन में कार्यरत है। इसके बाद त्वरित कार्रवाई में गिरोह के डिस्ट्रीब्यूटर और फाइनेंसर को भी मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों ने काम बांट दिए थे। कुछ उत्पादक का काम देख रहे थे और कुछ वितरण और पैसों के लेन-देन का काम देख रहे थे। आरोपियों ने कहां-कहां ड्रग्स बांटी है? साथ ही, आपको कच्चा माल कहां से मिला, आपने बनाने की तकनीक कहां से सीखी? इस संबंध में डीआरआई अधिकारी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है।
ज्वाइंट ऑपरेशन में खुलासा
मुंबई से सटे मीरा भयंदर पुलिस और डीआरआई के ज्वाइंट ऑपरेशन में इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई पुलिस में कॉन्सटेबल के पद पर काम कर रहा प्रमोद मुंबई से ही लातूर में फैक्ट्री चलाने वाले साथियों को निर्देश देता था।
(लातूर से आसिफ पटेल की रिपोर्ट)