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अब इस शहर में नकली कफ सिरप के खिलाफ कार्रवाई, बड़ा स्टॉक जब्त किया गया

 Reported By: Sachin Chaudhary, Edited By: Subhash Kumar
 Published : Oct 08, 2025 10:55 pm IST,  Updated : Oct 08, 2025 11:12 pm IST

पुणे में नकली कफ सिरप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। यहां रेडिनेक्स pharmaceutical कंपनी का स्टॉक जब्त किया गया है। खांसी की दवा बनाने वाली कंपनियों की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

pune cough syrup- India TV Hindi
पुणे में कफ सिरप का स्टॉक जब्त। Image Source : REPORTER

मध्य प्रदेश और राजस्थान में खांसी की दवा से कई बच्चों की मौत की घटना के बाद, महाराष्ट्र का खाद्य एवं औषधि (FDA) प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी पृष्ठभूमि में FDA ने पुणे में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रेडिनेक्स फार्मास्युटिकल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित खांसी की दवा 'रेस्पिफ्रेश TR' का एक बड़ा स्टॉक जब्त किया है।

FDA ने कंपनियों और दवाओं का निरीक्षण किया

बच्चों की मौत की घटना के बाद, राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्य में खांसी की दवा बनाने वाली कंपनियों की गहन जांच शुरू कर दी है। खाद्य एवं औषधि विभाग के संयुक्त आयुक्त गिरीश हुकारे ने बताया है कि इसके साथ ही, मेडिकल स्टोर और सरकारी अस्पतालों से भी जांच के लिए खांसी की दवाओं के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं।

दो साल से कम उम्र के बच्चों को न दें कफ सिरप

हुकारे ने यह भी स्पष्ट किया कि, मध्य प्रदेश में जिस दवा से बच्चों की मौत होने का संदेह है, वह वर्तमान में महाराष्ट्र राज्य में उपलब्ध नहीं है। केंद्र सरकार के स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी प्रकार की कफ सिरप (खांसी की दवा) नहीं दी जानी चाहिए। इसलिए, माता-पिता और डॉक्टरों को इन नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। वर्तमान में, खाद्य एवं औषधि प्रशासन का यह अभियान पूरे राज्य में चल रहा है और खांसी की दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मध्य प्रदेश में 20 बच्चों की मौत

मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने जानकारी दी है कि राज्य में पांच बच्चों की हालत गंभीर है, जबकि 20 बच्चों की मौत ‘दूषित’ कफ सिरप पीने से हो चुकी है। अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इन बच्चों की मौत गुर्दों के संदिग्ध रूप से फेल होने के कारण हुई है, जो ‘विषाक्त’ कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से जुड़ी है। राजेंद्र शुक्ला ने- "इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुरना को मिलाकर कुल 20 मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है। छिंदवाड़ा के 17, बैतूल के दो और पांढुरना के एक बच्चे की अभी तक मौत हुई है जबकि पांच बच्चों का नागपुर में इलाज जारी है।"

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