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Maharashtra Local Polls Result: महायुति बंपर जीत की ओर, भाजपा की बल्ले बल्ले, अघाड़ी पिछड़ गई

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Dec 21, 2025 08:52 am IST,  Updated : Dec 21, 2025 12:30 pm IST

महाराष्ट्र के नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव के लिए दो चरणों में हुई वोटिंग के बाद आज नतीजों का दिन है। अभी तक मिले आंकड़ों के मुताबिक महायुति बंपर जीत की ओर अग्रसर है, भाजपा को बड़ी जीत मिलती दिख रही है।

महाराष्ट्र नगर निकाय, नगर पंचायत चुनाव के वोटों की गिनती - India TV Hindi
महाराष्ट्र नगर निकाय, नगर पंचायत चुनाव के वोटों की गिनती Image Source : FILE PHOTO (ECI)

Maharashtra Local Polls Result:​ महाराष्ट्र 288 नगरपालिका चुनाव के लिए हुए मतदान के वोटों की गिनती आज सुबह से जारी है। चुनाव में अब तक के रुझान में महायुति 200 के पार चल रही है। महायुति 213 सीटों पर आगे चल रही है। महाराष्ट्र के 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत चुनाव के शुरुआती रुझान में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है।

शुरुआती रुझान इस प्रकार है...

BJP- 128, शिवसेना - 52एनसीपी - 33

महायुति - 213

कांग्रेस- 35 शिवसेना UBT - 9, एनसीपी SP- 8. 
महाविकास आघाड़ी- 52

स्थानीय आघाड़ी ( लोकल अलायंस) 22

बता दें कि तीन सीटों पर भाजपा निर्विरोध जीत चुकी है। आज के चुनावी नतीजे आने वाली महानगरपालिका चुनाव के लिए भी एक तरीके से आखिरी समीकरण का काम करेंगे, महाराष्ट्र में कौन सी पार्टी किस स्थान पर किसके साथ गठबंधन करेगी और स्थानीय लेवल पर पार्टियों के सीट बंटवारे से लेकर अहम फैसले आज के चुनावी नतीजों पर निर्भर करेंगे।

शनिवार (20 दिसंबर) को दूसरे चरण के लिए हुए मतदान के वोटों की गिनती पहले चरण में डाले गए वोटों के साथ की जाएगी, और सभी नगर पंचायतों के परिणाम एक साथ घोषित किए जाएंगे। महाराष्ट्र के विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए इस चुनाव का रिजल्ट काफी अहम है।

राजनीतिक दलों की अग्निपरीक्षा आज

  • प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने पूरे चुनाव के दौरान आक्रामक रूप से प्रचार किया, कई बार तो एक-दूसरे के खिलाफ भी, क्योंकि इन चुनावों में मौजूदा गठबंधनों में दरार भी आई है और नए गठबंधन बने हैं।
     
  • महायुति गठबंधन के सहयोगी, भाजपा और शिवसेना ने सिंधुदुर्ग, सतारा, धराशिव, पालघर और ठाणे जैसे कई जिलों में एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारे थे। वहीं, राष्ट्रीय मुख्यमंत्री परिषद के दो गुट - एक का नेतृत्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार कर रहे थे और दूसरे का पार्टी संस्थापक शरद पवार - ने कोल्हापुर में हाथ मिला लिया था। कुछ अन्य स्थानों पर कांग्रेस के गुटों ने भाजपा के साथ हाथ मिला लिया था। विदर्भ के अधिकांश स्थानों पर, जो फडणवीस का गढ़ है, भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे के सीधे मुकाबले में दिखे।
     
  • मुख्यमंत्री ने यहां चुनाव प्रचार की देखरेख के लिए राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले सहित वरिष्ठ नेताओं की एक टीम तैनात की थी। भाजपा ने इस क्षेत्र के सभी 27 शहरों में उम्मीदवार उतारे थे, जबकि कांग्रेस ने 22 शहरों में चुनाव लड़ा है और 18 शहरों में भाजपा के साथ सीधी टक्कर में दिखी।
     
  • शिवसेना 13 शहरों में चुनाव लड़ी थी, जबकि शिवसेना (यूबीटी) आठ शहरों में चुनाव लड़ी। एनसीपी (एसपी) ने छह शहरों में उम्मीदवार उतारे थे, जबकि प्रतिद्वंद्वी एनसीपी सात शहरों में चुनाव लड़ रही है, जिसके परिणामस्वरूप कई स्थानों पर त्रिकोणीय मुकाबला है।
     
  • चुनाव से पहले भाजपा और शिवसेना के नेताओं के बीच जुबानी जंग भी देखने को मिली, जिसके चलते शिंदे को अपने सहयोगियों को "गठबंधन धर्म का पालन करने" की सलाह देनी पड़ी। हालांकि, फडणवीस ने विश्वास जताया कि महायुति 70 से 75 प्रतिशत सीटों पर विजयी होगी।
     
  • परिणामों को सभी राजनीतिक दलों द्वारा दिखाई गई राजनीतिक शक्ति और साथ ही बेहतर अवसरों की तलाश में पाला बदलने वाले नेताओं पर जनमत संग्रह के रूप में देखा जाएगा। इसके अलावा, ये परिणाम विजेता को नगर निगमों की बड़ी लड़ाई और बाद में जिला परिषद चुनावों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करेंगे।
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