महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय के चुनाव तीन चरणों मे होंगे और यह सभी चुनाव महायुती के घटक दल स्थानीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए लड़ेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बीएमसी चुनाव भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्र्वादी कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर लड़ेगी। लेकिन बाकी के महानगरपालिका में महायुती के तीनों दल अपने बलबूते पर चुनाव लड़ेंगे।
सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में उत्तर और दक्षिण महाराष्ट्र में वोटिंग होगी। दूसरे चरण में विदर्भ, पश्चिम महाराष्ट्र और मराठवाड़ा की योजना बनाई जा रही है और तीसरे चरण में मुंबई, ठाणे और कोकण में मतदान होगा।
क्यों कहा जा रहा 'मिनी विधानसभा' चुनाव?
महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों को 'मिनी विधानसभा' भी कहा जा रहा है क्योंकि ये चुनाव राज्य की राजनीति में विधानसभा चुनावों जैसा महत्व रखते हैं। इनमें 29 नगर निगम, 248 नगर परिषद, 42 नगर पंचायत, 32 जिला परिषद और 336 पंचायत समितियां शामिल हैं, जो लाखों मतदाताओं को प्रभावित करती हैं। ये चुनाव महायुति और महा विकास अघाड़ी की ताकत परखते हैं। खासकर बृहन्मुंबई नगर निगम जैसे बड़े निकायों का परिणाम राज्य की सियासत को दिशा देता है। ये स्थानीय स्तर पर सत्ता और प्रभाव का आकलन करते हैं।
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