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एनसीपी पर किसका होगा कब्जा, शरद पवार और अजित पवार मामले की आज होगी सुनवाई

 Written By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Nov 20, 2023 11:00 am IST,  Updated : Nov 20, 2023 11:00 am IST

एनसीपी को लेकर शरद पवार और अजित पवार के बीच लड़ाई चुनाव आयोग तक पहुंच चुकी है। इस मामले की सुनवाई के तहत चुनाव आयोग आज दोनों की दलीलों को सुनेगा। बता दें कि इसी साल जुलाई में अजित पवार शरद पवार से अलग हो गए थे।

Sharad Pawar vs Ajit Pawar Election Commission of India to hear both factions today over NCP name an- India TV Hindi
एनसीपी पर किसका होगा कब्जा? Image Source : FILE PHOTO

शरद पवार से अलग हो चुके भतीजे अजीत पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को लेकर दावा पेश किया था। यह मामला चुनाव आयोग के समक्ष पहुंचा। भारतीय चुनाव आयोग आज यानी 20 नवंबर को पार्टी के नाम पर दावा पेश करने को लेकर दोनों गुटों की दलीलों को सुनेगा। बता दें कि एक गुट के नेतृत्व शरद पवार तो दूसरे गुट का नेतृत्व अजित पवार कर रहे हैं। बता दें कि जुलाई 2023 में एनसीपी में दो गुट बन गए थे। इस मामले में आखिरी सुनवाई एक सप्ताह पहले हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुनवाई को स्थगित कर दिया गया था।

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चुनाव आयोग सुनेगा दलील

जुलाई में शरद पवार से अलग होने के बाद अजित पवार ने एनसीपी के चुनाव चिह्न और पार्टी के नाम पर दावा किया था। इसी बाबत उन्होंने चुनाव आयोग से संपर्क किया और कहा कि उन्हें पार्टी का अध्यक्ष घोषित किया जाना चाहिए। अजित पवार के इस दावे का खंडन करते हुए शरद पवार ने कहा कि वह असली एनसीपी का नेतृत्व करते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से अजित पवार के अपील को खारिज करने की मांग की। बता दें कि 2 जुलाई को अजित पवार 8 विधायकों संग भाजपा और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के गठबंधन में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। 

एनसीपी पर किसका होगा कब्जा

एनसीपी पर हो रहे दावे को लेकर पार्टी के दोनों गुटों ने अपने-अपने दावों के समर्थन में अलग-अलग दस्तावेज जमा किए हैं। शरद पवार गुट का दावा है कि अजित पवार गुट द्वारा जो दस्तावेज चुनाव आयोग के समक्ष पेश किए गए हैं वो फर्जी और मनगढ़ंत है। बता दें कि चुनाव आयोग द्वारा पहले ही दोनों गुटों को पत्र लिखकर पार्टी में विभाजन की बात को स्वीकार किया गया था, जिसके तहत दोनों गुटों से डॉक्यूमेंट साझा करने का भी निर्देश दिया था। बता दें कि इस मामले में चुनाव आयोग ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। 

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