नई दिल्ली। ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) ने सोमवार को कहा कि उसने बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) के साथ 744.5 करोड़ रुपये (10 करोड़ अमेरिकी डॉलर) का 10 साल के लिए एक दीर्घकालिक ऋण वित्तपोषण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। बयान में कहा गया है कि दस साल तक की अवधि वाले इस ऋण का इस्तेमाल ओला फ्यूचर फैक्टरी के फेस-1 को पूरा करने में किया जाएगा। यह इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए कंपनी का ग्लोबल मैन्यूफैक्चरिंग हब है।
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पिछले साल दिसंबर में ओला ने कहा था कि वह फैक्टरी के चरण-1 की स्थापना के लिए 2400 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी ने कहा कि ओला और बैंक ऑफ बड़ोदा के बीच आज हुए दीर्घावधि वित्तपोषण समझौता इस बात का संकेत है कि संस्थागत ऋणदाता दुनिया की सबसे बड़ी टू-व्हीलर फैक्टरी को रिकॉर्ड टाइम में बनाने की हमारी योजना में अपना भरोसा जता रहे हैं।
ओला के चेयरमैन और ग्रुप सीईओ भाविश अग्रवाल ने कहा कि हम टिकाऊ परिवहन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने और पूरी दुनिया के लिए मेड इन इंडिया इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें इस बात की खुशी है कि हमारी इस यात्रा में बैंक ऑफ बड़ोदा ने हमारा साथ दिया है।
ओला फ्यूचर फैक्टरी का निर्माण तमिलनाडु में 500 एकड़ क्षेत्र में हो रहा है। 1 करोड़ वाहन वार्षिक की पूर्ण क्षमता के साथ यह दुनिया की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी होगी। सरकार ने मेक-इन-इंडिया और भारत को एक वैश्विक ईवी लीडर बनाने के लिए कई नीतियों की घोषणा की ळै। ओला फ्यूचर फैक्टरी भारत को ग्लोबल ईवी नक्शे पर एक प्रमुख स्थान दिलाने में मदद करेगी
ओला ने कहा कि फ्यूचर फैक्टरी का पहला चरण जल्द ही पूरा हो जाएगा, इसके बाद ओला स्कूटर का प्रोडक्शन ट्रायल यहां शुरू किया जाएगा। कंपनी ने अपने ई-स्कूटर की कीमत और फीचर्स के बारे में अभी तक कोई खुलासा नहीं किया है। ओला ने कहा है कि वह 400 शहरों में एक लाख चार्जिंग प्वॉइंट्स सहित एक हाइपरचार्जर नेटवर्क स्थापित करने पर काम कर रही है। ओला के ई-स्कूटर को सबसे पहले भारत में लॉन्च किया जाएगा और इसके बाद इसे फ्रांस, इटली और जर्मनी जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतारा जाएगा। पिछले साल, ओला इलेक्ट्रिक ने एम्सटर्डम की Etergo BV का अधिग्रहण किया था।