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Budget 2019: स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, स्टार्टअप क्षेत्र को कर छूट मिलने की है उम्‍मीद

रूटमैटिक के सीईओ सुरजीत दास ने देश में स्टार्टअप की शानदार वृद्धि के मद्देनजर स्टार्टअप तथा एसएमई के लिए एंजल कर समाप्त करने की मांग की।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: January 31, 2019 20:37 IST
Health Sector- India TV Paisa
Photo:HEALTH SECTOR

Health Sector

नई दिल्ली। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र को आगामी बजट से काफी उम्मीदें हैं। उद्योग का मानना है कि आगामी बजट में सरकार इस क्षेत्र पर अधिक ध्यान देगी और उसका बजट आवंटन बढ़ाएगी। स्टार्टअप को एंजल कर समाप्त होने की उम्मीद है तो हेलमेट को जीवन रक्षक वस्तु मानते हुए इस पर कर छूट की उम्मीद कर रहा है। 

इंडस हेल्थ प्लस के संयुक्त प्रबंध निदेशक अमोल नायकावाड़ी ने कहा कि 2025 तक देश में कुल बीमारियों में 75 प्रतिशत से अधिक बीमारियां गैर-संक्रामक श्रेणी की होंगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षात्मक चिकित्सा के जरिये इन बीमारियों की समय से पहचान करना और निराकरण संभव है। उन्होंने सुझाव दिया कि धारा 80डी के तहत सुरक्षात्मक चिकित्सा जांच की छूट सीमा मौजूदा पांच हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा उद्योग के लिए बेहतर बुनियादी संरचना पर ध्यान देने की भी मांग की। 

आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के इलाज के लिए क्राउड फंडिंग के जरिये पैसे जुटाने वाली वेबसाइट इम्पैक्टगुरु डॉट कॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीयूष जैन ने बजट में स्वास्थ्य संबंधी विषयों को प्राथमिकता दिए जाने की मांग की। उन्होंने सरकारी नीतियों में प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं को शामिल करने का भी सुझाव दिया। 

रूटमैटिक के सीईओ सुरजीत दास ने देश में स्टार्टअप की शानदार वृद्धि के मद्देनजर स्टार्टअप तथा एसएमई के लिए एंजल कर समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे स्टार्टअप को वित्तपोषण संबंधी दिक्कतों में आसानी होगी। 

हेलमेट बनाने वाली कंपनी स्टीलबर्ड के प्रबंध निदेशक राजीव कपूर ने हेलमेट को विभिन्न करों से छूट दिए जाने की वकालत करते हुए कहा कि चीन के सामानों से बचाव के लिए स्थानीय विनिर्माण पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हेलमेट को दवाओं की तरह ही जीवनरक्षक माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे भी दवाओं की तरह जीएसटी के दायरे से छूट दी जानी चाहिए।  

एविस इंडिया के सीईओ एवं एमडी सुनील गुप्ता ने पर्यटन उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए देश में परिवहन की बुनियादी संरचनाओं को बेहतर बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछले बजट में परिवहन की बुनियादी संरचनाओं पर खर्च 22 प्रतिशत बढ़ाकर 5.97 लाख करोड़ रुपए किया गया था। उन्होंने इस बजट में यह खर्च 30 प्रतिशत बढ़ाने की मांग की। 

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