नई दिल्ली। इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (IBBI) डिफॉल्टरों पर नकेल कसने की तैयारी में है। लोन रिकवरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए IBBI कर्जदाताओं को वैसे प्रमोटर्स और हाई प्रोफाइल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की इजाजत दे सकता है जो लोन डिफॉल्टर के पर्सनल गारंटर बने थे। इकॉनोमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को आठ सदस्यों वाली एक कमेटी इस बात पर चर्चा करने वाली है कि ऐसे पर्सनल गारंटर की निजी संपत्ति का इस्तेमाल लोन की वसूली के लिए की जाए और इस मामले की सुनवाई नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में अलग से की जाए।
अब तक NCLT में चल रही कार्रवाई से पर्सनल गारंटर पर आंच नहीं आती थी, लेकिन अब वे बैंकों के एक्शन से नहीं बच पाएंगे। इकॉनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी चल और अचल संपत्ति को डिफॉल्ट कर चुकी कंपनी को बचाने वाले रिजॉल्यूशन प्लान का हिस्सा बनाया जा सकता है।
इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल्स ने 9 सदस्यों वाली वर्किंग कमेटी को ऐसे बदलावों पर IBBI को महीने भर पहले अपने सुझाव सौंपे थे। इसके मुताबिक, इससे डिफॉल्टरों और गारंटर की संपत्ति को जल्द एग्रीगेट करने में मदद मिलेगी। IBBI की गवर्निंग बॉडी सुझावों पर चर्चा के बाद इन्हें मंजूरी दे सकती है।
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