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केंद्र, राज्यों के बीच और ज्यादा बैठक हो, अच्छी परिपाटी दूसरे को बताया जाएं: पनगढि़या

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : May 23, 2016 04:18 pm IST,  Updated : May 23, 2016 04:18 pm IST

नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढि़या ने कहा, केंद्र तथा राज्यों के बीच विभिन्न सामाजिक योजनाओं के नतीजों पर विचार विमर्श के लिए और बैठकें होंनी चाहिए।

केंद्र, राज्यों के बीच हों ज्‍यादा से ज्‍यादा बैठक, अच्छी चीजों को किया जाए एक-दूसरे के साथ साझा- India TV Hindi
केंद्र, राज्यों के बीच हों ज्‍यादा से ज्‍यादा बैठक, अच्छी चीजों को किया जाए एक-दूसरे के साथ साझा

नई दिल्ली। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढि़या ने आज जोर दिया कि केंद्र तथा राज्यों के बीच विभिन्न सामाजिक योजनाओं के नतीजों पर विचार विमर्श के लिए और जल्दी-जल्दी बैठकें होंनी चाहिए और जहां कहीं कोई अच्छी परिपाटी बनी हो उसे एक दूसरे के साथ साझा किया जाना चाहिए। सहयोगपूर्ण संघवाद को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार की शीर्ष विचार संस्था, नीति आयोग ने राज्यों और संघ-शासित प्रदेशों का दिन भर का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया है ताकि सामाजिक सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए जगह-जगह जो उल्लेखनीय कार्यप्रणालियां अपनाई जा रही हैं उन्हें एक दूसरे के साथ साझा किया जा सके।

बैठक को संबंधाति करते हुए जाने माने अर्थशास्त्री ने कहा, हमें अच्छी कार्यप्रणाली को एक दूसरे के साथ साझा करने के लिए राज्यों के बीच और अधिक बैठके आयोजित करनी चाहिए। यह सही है कि एक राज्य की सामाजिक पूंजी दूसरे से अलग हो सकती है लेकिन अनुभवों को साझा करने से शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर समाधान ढूंढने में मदद मिलेगी।

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शिक्षा क्षेत्र और विशेष तौर पर प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा का हवाला देते हुए पनगढि़या ने ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा, प्रणालियों का पैमाना बढ़ाना महत्वपूर्ण मुद्दा है। इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सफल कार्यप्रणालियां का निर्माण चुनौती है और हमें इसके समाधान पर विचार करने की जरूरत है। साथ ही, ऐसा करते हुए यह ध्यान में रखने की जरूरत है कि यह एक सहज प्रक्रिया होनी चाहिए क्यों कि हर राज्य की स्थितियां अलग-अलग होती हैं। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अमिताभ कांत ने प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र में चुनौतियों का जिक्र किया।

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