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नोलैरिटी के साथ स्मार्टवाड्र्स का विलय नए अध्याय की शुरआत: शांतनु

 Published : May 16, 2016 06:07 pm IST,  Updated : May 16, 2016 06:07 pm IST

स्टार्टअप कंपनी स्मार्टवाड्र्स के सह संस्थापक रहे शांतनु माथुर का मानना है कि नोलैरिटी द्वारा उनकी कंपनी का अधिग्रहण एक नए अध्याय की शुरूआत होगी।

क्लाउड टेलीफोनी कंपनी नोलैरिटी ने किया भारतीय स्‍टार्टअप स्मार्टवाड्र्स का अधिग्रहण- India TV Hindi
क्लाउड टेलीफोनी कंपनी नोलैरिटी ने किया भारतीय स्‍टार्टअप स्मार्टवाड्र्स का अधिग्रहण

नई दिल्ली। क्लाउड टेलीफोनी कंपनी नोलैरिटी ने किया भारतीय स्‍टार्टअप स्मार्टवाड्र्स का अधिग्रहण कर लिया है। छोटे कारोबारियों को अपने ग्राहकों से जुड़े रहने की सुविधा प्रदान करने वाली दिल्ली की एक स्टार्टअप कंपनी स्मार्टवाड्र्स के सह संस्थापक रहे शांतनु माथुर का मानना है कि एशिया की प्रमुख क्लाउड टेलीफोनी कंपनी नोलैरिटी द्वारा उनकी कंपनी का अधिग्रहण उनके साथ स्मार्टवाड्र्स के लिए भी एक नए अध्याय की शुरूआत होगी। एक प्रश्न के जवाब में माथुर ने कहा, हमने जब स्मार्टवाड्र्स की शुरआत की थी तो बहुत सारे कामों को करना चाहते थे, इसके लिए हमने कोष भी जुटाए थे लेकिन समय के साथ हमें यह समझ आया कि हम जो करना चाह रहे हैं वो हो नहीं रहा है और इसके लिए हमें एक सही मंच की जरूरत थी। नोलैरिटी अपने आप में एक बहुत बड़ा मंच है और हमें अपने ख्वाब को मुकाम पर पहुंचाने के लिए ऐसे ही मंच की जरूरत थी।

अधिग्रहण के बाद नोलैरिटी में कंट्री हेड की भूमिका निभा रहे माथुर ने कहा, स्टार्टअप के साथ बहुत सी समस्याएं होती हैं लेकिन इस अधिग्रहण के बाद हमें और नोलैरिटी दोनों को अपनी सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिलेगी और दोनों की विशेषग्यता का लाभ एक-दूसरे को मिलेगा। कंपनी में अपनी भूमिका के बारे में शांतनु माथुर ने कहा कि नोलैरिटी के साथ काम करते हुए उन्हें एक स्थापित कंपनी में स्टार्टअप की तरह काम करने की आजादी मिली है।

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दोनों कंपनियों की कार्यप्रणाली में अंतर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि नोलैरिटी की पहचान छोटे-बड़े कारोबारियों को संचार प्रणाली (कम्युनिकेशन सिस्टम) उपलब्ध कराने की रही है जबकि स्मार्टवाड्र्स सीआरएम यानी ग्राहक की पहचान, उसकी रुचि का ध्यान और उसका प्रबंधन करने वाली प्रणाली उपलब्ध कराती थी।

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स्मार्टवाड्र्स यह प्रणाली विशेषकर छोटे कारोबारियों, रेस्तरांओं, सिनेमाघरों इत्यादि को उपलब्ध कराती थी। इन कंपनियों के लिए ग्राहकों से जुड़े ऑफर चलाना, उनकी रचि के हिसाब से उन्हें उत्पाद उपलब्ध कराने का डेटा देना और उनके लिए लॉयल्टी कार्यक्रम चलाना इस प्रणाली का प्रमुख काम था। उन्होंने कहा कि नोलैरिटी के साथ जुड़ने की एक बड़ी वजह यह भी थी कि अपनी सेवाओं का विस्तार करने के लिए हमें ग्राहकों के इस डाटा के प्रबंधन और विश्लेषण की जरूरत थी और नोलैरिटी इसमें निपुण है। हालांकि उन्होंने इस अधिग्रहण से संंबंधित आर्थिक जानकारी देने से मना कर दिया। लेकिन उन्होंने बताया कि अभी उन्होंने स्मार्टवाड्र्स के नाम का प्रयोग बंद कर दिया है और नोलैरिटी के नाम के तहत ही वे अपना कारोबार जारी रखेंगे।

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