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CIL के कर्मचारियों को 50 प्रतिशत वेतन वृद्धि मिलना मुश्किल, CMD ने यूनियन को बताई इसकी वजह

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Aug 19, 2021 11:20 am IST,  Updated : Aug 19, 2021 11:20 am IST

कोल इंडिया के कर्मचारियों के वेतन में प्रत्येक पांचवें साल में संशोधन किया जाता है। कर्मचारियों की वेतनवृद्धि जुलाई, 2021 में होनी थी।

Coal India tells Difficult to give 50 pc wage hike to - India TV Hindi
Coal India tells Difficult to give 50 pc wage hike to Image Source : PTI

नई दिल्‍ली। कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India) के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के लिए अपने कर्मचारियों को 50 प्रतिशत वेतनवृद्धि देना मुश्किल है। यूनियनों ने इसकी मांग प्रबंधन के समक्ष की है। यूनियन के एक नेता ने बताया कि चेयरमैन ने कहा है कि कंपनी के समक्ष वित्तीय दिक्कतों की वजह से कर्मियों को 50 प्रतिशत की वेतनवृद्धि देना संभव नहीं है।

हिंद मजदूर सभा से संबद्ध हिंद खदान मजदूर फेडरेशन के अध्यक्ष नाथूलाल पांडेय ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन के मुद्दे पर बुधवार को उनकी कोल इंडिया के चेयरमैन के साथ बैठक हुई। पांडेय ने कहा कि चेयरमैन ने बताया कि कंपनी के समक्ष वित्तीय दिक्कतों की वजह से अभी कर्मचारियों को 50 प्रतिशत की वेतनवृद्धि देना मुश्किल है। यदि कंपनी 10 प्रतिशत की भी वेतनवृद्धि देती है, तो इससे उस पर 5,000 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा।

कोल इंडिया के कर्मचारियों के वेतन में प्रत्येक पांचवें साल में संशोधन किया जाता है। कर्मचारियों की वेतनवृद्धि जुलाई, 2021 में होनी थी। कोल इंडिया ने 2017 में कर्मचारी यूनियनों के साथ वेतन करार किया था। इसके तहत पांच साल के लिए कर्मचारियों के वेतन में 20 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव किया गया था। देश के कुल कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत हिस्सा कोल इंडिया का है। उसके कर्मचारियों की कुल संख्या 2.59 लाख है। इसमें से 15 हजार के करीब कार्यकारी स्टाफ है। कर्मचारी यूनियनों ने कोल इंडिया प्रबंधन को अपना मांग पत्र दिया है, जिसमें पांच साल के अवधि के दौरान वेतन में कम से कम 50 प्रतिशत वृद्धि की मांग शामिल है। 

हिंदुस्तान जिंक ने कहा, लाभांश नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ

वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लि. (एचजेडएल) ने कहा है कि उसकी लाभांश नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और वह इसका अनुपालन करेगी। एक दिन पहले कंपनी ने अपने निदेशक मंडल की बैठक को टाल दिया था। इस बैठक में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अंतरिम लाभांश पर विचार होना था। इसके एक दिन बाद कंपनी का यह बयान आया है।

हिंदुस्तान जिंक ने बुधवार को बयान में कहा कि हमारी कल की शेयर बाजार घोषणा के संदर्भ में हम कहना चाहते है कि बोर्ड की बैठक को टाला गया है। हम इस बात को दोहराना चाहते हैं कि लाभांश मामले पर बोर्ड विचार करेगा। हमारी लाभांश नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हम इस नीति का अनुसरण करेंगे। हिंदुस्तान जिंक ने मंगलवार को कहा था कि कंपनी के निदेशक मंडल की 17 अगस्त को होने वाली बैठक को टाल दिया गया है। इस बैठक में 2021-22 के लिए अंतरिम लाभांश पर विचार होना था। कंपनी ने बैठक को टालने की वजह नहीं बताई है।

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