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नोटबंदी से बड़े नोटों की वृद्धि पर लगी लगाम, भ्रष्‍टाचार और आतंकवाद की फंडिंग पर लगा अंकुश : PMO

 Written By: Manish Mishra
 Published : Nov 08, 2017 10:47 am IST,  Updated : Nov 08, 2017 10:47 am IST

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने कहा है कि यदि नोटबंदी नहीं होती तो अभी चलन में बड़े नोटों का मूल्य 18 लाख करोड़ रुपए यानी मौजूदा स्तर से 50 प्रतिशत अधिक होता

नोटबंदी से बड़े नोटों की वृद्धि पर लगी लगाम, भ्रष्‍टाचार और आतंकवाद की फंडिंग पर लगा अंकुश : PMO- India TV Hindi
नोटबंदी से बड़े नोटों की वृद्धि पर लगी लगाम, भ्रष्‍टाचार और आतंकवाद की फंडिंग पर लगा अंकुश : PMO

नई दिल्ली प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने कहा है कि यदि नोटबंदी नहीं होती तो अभी चलन में बड़े नोटों का मूल्य 18 लाख करोड़ रुपए यानी मौजूदा स्तर से 50 प्रतिशत अधिक होता। PMO ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा है कि अर्थव्यवस्था में बड़े नोटों की मात्रा कम होने से भ्रष्टाचार तथा आतंकवाद की फाइनेंसिंग को खत्म करने में मदद मिलती है।

PMO ने कहा है कि इस साल सितंबर 2017 के अंत तक चलन में बड़े नोटों का मूल्य 12 लाख करोड़ रुपए रहा है। यदि नोटबंदी नहीं हुई होती तो इनका मूल्य 18 लाख करोड़ रुपए होता। चलन में बड़े नोटों के मूल्य में छह लाख करोड़ रुपए की कमी आई है जो मौजूदा स्तर का 50 प्रतिशत है।

PMO ने एक अलग ट्वीट में कहा है कि,

देश की कुल आबादी के महज 0.00011 प्रतिशत लोगों ने कुल नकदी का 33 प्रतिशत जमा किया था।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले साल 8 नवंबर को 500 रुपए और 1000 रुपए के नोटों को चलन से बंद करने की घोषणा की थी।

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