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Farmer’s Protest: किसान आंदोलन से अब तक 14 हजार करोड़ के व्यापार का नुकसान

कैट ने सुप्रीम कोर्ट से भी अनुरोध किया है कि व्यापारियों एवं अन्य लोगों की परेशानियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की वैकेशन बेंच इस मामले की तुरंत सुनवाई की तारीख निश्चित करे।

Edited by: India TV Paisa Desk
Published : Dec 22, 2020 01:16 pm IST, Updated : Dec 22, 2020 01:16 pm IST
farmers protest live update trade loss 14 thousands crore rupees till now due to farmer protest cait- India TV Paisa
Photo:PTI

farmers protest live update trade loss 14 thousands crore rupees till now due to farmer protest cait

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन लगातार जारी है, ऐसे में व्यापारियों के अखिल भारतीय संगठन कैट (CAIT) द्वारा कहा गया है कि इस आंदोलन से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में अब तक लगभग 14 हजार करोड़ रुपये  के व्यापार का बड़ा नुकसान हुआ है। कैट ने इस मामले को लेकर किसान नेताओं एवं केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि बातचीत के द्वारा इस मसले को तुरंत सुलझाया जाए।

कैट ने सुप्रीम कोर्ट से भी अनुरोध किया है कि व्यापारियों एवं अन्य लोगों की परेशानियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की वैकेशन बेंच इस मामले की तुरंत सुनवाई की तारीख निश्चित करे।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने अनुमान लगाते हुए कहा है कि आंदोलन के कारण लगभग 20 प्रतिशत ट्रक देश के अन्य राज्यों से सामान दिल्ली नहीं ला पा रहे हैं। जिसके कारण दिल्ली से अन्य राज्यों को भेजे जाने वाले सामान पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।

10,000 ट्रक नहीं आ पा रहे हैं दिल्‍ली

कैट के अनुसार दिल्ली में प्रतिदिन लगभग 50 हजार ट्रक देश भर के विभिन्न राज्यों से सामान लेकर आते हैं और लगभग 30 हजार ट्रक प्रतिदिन दिल्ली से बाहर अन्य राज्यों के लिए सामान लेकर जाते हैं। इस लिहाज से 20 प्रतिशत का मतलब हुआ कि लगभग 10,000 ट्रक दिल्‍ली नहीं आ पा रहे हैं। फिलहाल दिल्ली में आवश्यक वस्तुओं सहित अन्य वस्तुओं की कोई किल्लत नहीं है।

वस्‍तुओं की कमी पर बनी हुई है नजर

कैट एवं ट्रांसपोर्ट सेक्टर के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेल्फेएर एसोसिएशन (ऐटवा) दोनों संयुक्त रूप से माल की आवाजाही पर प्रतिदिन निगाह रखे हुए हैं और पूरा प्रयत्न कर रहे हैं की दिल्ली अथवा अन्य किसी राज्य में किसी भी वस्तु की कोई कमी न हो।

आगे हो सकती है मुश्किल

खंडलेवाल ने कहा कि मुख्य रूप से अन्य राज्यों से एफएमसीजी प्रोडक्ट, लोगों द्वारा रोजमर्रा के उपयोग का सामान, खाद्धान, फल एवं सब्जी, किराने का सामान, ड्राई फ्रूट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली का सामान, दवाइयां, भवन निर्माण का सामान, लोहा-स्टील, कपड़ा, मशीनरी, बिल्डिंग हार्डवेयर, लकड़ी एवं प्लाइवुड, रेडीमेड वस्त्र आदि प्रतिदिन बड़ी संख्या में दिल्ली आते हैं। यदि प्रदर्शन जल्‍द समाप्‍त न हुआ तो स्थिति बिगड़ सकती है।

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