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भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ दर 7.8 फीसदी रहने की उम्मीद, अच्छी बारिश से मिलेगी मदद

मानसून की बारिश अच्छी रहने से चालू वित्त वर्ष के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ 7.8 फीसदी रहने की उम्मीद है। फिक्की ने यह अनुमान व्यक्त किया है।

Dharmender Chaudhary
Published : Aug 31, 2016 09:59 am IST, Updated : Aug 31, 2016 10:00 am IST
भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ दर 7.8 फीसदी रहने की उम्मीद, अच्छी बारिश से मिलेगी मदद- India TV Paisa
भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ दर 7.8 फीसदी रहने की उम्मीद, अच्छी बारिश से मिलेगी मदद

नई दिल्ली। मानसून की बारिश अच्छी रहने से चालू वित्त वर्ष के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ 7.8 फीसदी रहने की उम्मीद है। फिक्की के एक सर्वेक्षण में अर्थशास्त्रियों ने यह अनुमान व्यक्त किया है। उद्योग मंडल फिक्की ने यह ताजा सर्वे जारी करते हुए कहा है कि इस प्रकार के उसके पिछले सर्वे के मुकाबले 2016-17 की ग्रोथ के अनुमान में मामूली सुधार हुआ है। यह सुधार कृषि और उद्योग क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन की बदौलत आया है।  इसमें कहा गया है कि इस साल मानसून की वर्षा अच्छी रही है जिससे कि कृषि उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है।

रिजर्व बैंक ने भी कहा है कि निकट भविष्य में भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ परिदृश्य बेहतर नजर आता है और 2016-17 में आर्थिक ग्रोथ 7.6 फीसदी रहने का अनुमान है। फिक्की की आर्थिक परिदृश्य सर्वेक्षण रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी ग्रोथ 7.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) 7.6 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। यह सर्वे जुलाई-अगस्त के दौरान उद्योग, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र से जुड़े अर्थशास्त्रियों के बीच कराया गया। हालांकि, ताजा सर्वेक्षण में सेवा क्षेत्र की ग्रोथ में पिछले अनुमान के मुकाबले मामूली गिरावट देखी गई है।

सर्वेक्षण में भाग लेने वाले अर्थशास्त्रियों का यह भी मानना है कि बैंकों को जमा दरों में और कमी लाने में अभी समय लगेगा। उनका कहना है कि रिजर्व बैंक और सरकार ने जो कदम उठाए हैं उनसे बैंकों को अपनी संचालन लागत कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि फंसे कर्ज की ऊंची राशि और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए प्रावधान के नियमों से सस्ते कर्ज को उपलब्ध कराना चुनौती बना हुआ है।

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