1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. सरकार का बड़ा फैसला, 200 करोड़ रुपए तक की सरकारी खरीद के लिए जारी नहीं होंगे ग्लोबल टेंडर

सरकार का बड़ा फैसला, 200 करोड़ रुपए तक की सरकारी खरीद के लिए जारी नहीं होंगे ग्लोबल टेंडर

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jul 13, 2020 10:36 am IST,  Updated : Jul 13, 2020 10:36 am IST

कि केंद्र सरकार ने विशेष परिस्थिति को देखते हुए सिर्फ वर्ष 2020-21 के लिए राज्यों की उधारी सीमा को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का फैसला किया है।

 Global tenders up to Rs 200 crore not to be allowed in government procurement- India TV Hindi
 Global tenders up to Rs 200 crore not to be allowed in government procurement Image Source : DD

नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने 200 करोड़ रुपए तक की सरकारी खरीद में विदेशी कंपनियों को शामिल नहीं करके घरेलू उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए नियमों में संशोधन किया है। यह जानकारी खुद केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आत्मनिर्भर भारत आर्थिक पैकेज की प्रगति की समीक्षा करने के बाद मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में दी गई। बयान के अनुसार, देश के एमएसएमई (सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम) को बड़ी राहत देते हुए व्यय विभाग ने सामान्य वित्तीय नियमों, 2017 के वर्तमान नियम 161 (पअ) और वैश्विक निविदाओं से संबंधित जीएफआर नियमों में संशोधन किए हैं। वित्त मंत्रालय ने बताया कि अब 200 करोड़ रुपए तक की निविदाओं के लिए कोई वैश्विक निविदा पूछताछ या ग्लोबल टेंडर इंक्वायरी (जीटीआई) तब तक आमंत्रित नहीं की जाएगी जब तक कि कैबिनेट सचिवालय से पूर्व अनुमोदन प्राप्त न हो जाए।

बयान में कहा गया कि वित्तमंत्री ने यह घोषणा की है कि रेलवे, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और सीपीडब्ल्यूडी जैसी सभी केंद्रीय एजेंसियां अनुबंधात्मक या संविदात्मक दायित्वों को पूरा करने के लिए 6 माह तक का समय विस्तार देंगी, जिनमें ईपीसी और रियायत समझौतों से संबंधित दायित्व भी शामिल हैं।

इस संबंध में व्यय विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि कोविड-19 महामारी के कारण अप्रत्याशित परिस्थिति या आपदा से जुड़ी धारा (एफएमसी) का उपयोग करके ठेकेदार या रियायत प्राप्तकर्ता पर कोई भी खर्च या जुमार्ना थोपे बिना ही अनुबंध की अवधि को कम-से-कम तीन माह और अधिक-से-अधिक छह माह बढ़ाया जा सकता है।

मंत्रालय ने कहा कि ठेकेदार या आपूर्तिकर्ताओं को कार्य-प्रदर्शन संबंधी सिक्योरिटी के मूल्य को वापस करने के लिए भी निर्देश जारी किए गए जो बाकायदा की जा चुकी आपूर्ति या कुल अनुबंध मूल्य के पूरे हो चुके अनुबंध कार्य के अनुपात में होगा। इसे विभिन्न विभागों और मंत्रालयों द्वारा लागू किया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने विशेष परिस्थिति को देखते हुए सिर्फ वर्ष 2020-21 के लिए राज्यों की उधारी सीमा को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का फैसला किया है। इससे राज्यों को 4.28 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा