नई दिल्ली। जीएसटी नेटवर्क (GSTN) ने किसी भी तरह की धोखाधड़ी को पकड़ने के लिए करदाताओं से जुड़ी जानकारी के विश्लेषण काम निजी इकाइयों से करवाने का फैसला किया है। कंपनी ने इसके लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। GSTN इस नई कर प्रणाली के लिए आईटी बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवाती है और वह केवल जीएसटी संग्रहण पोर्टल से इतर इस प्रक्रिया में किसी तरह की कर चोरी रोकने में भी मदद करना चाहती है।
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इस काम के लिए जिस कंपनी की सेवाएं ली जानी है वह धोखाधड़ी विश्लेषण प्रणाली बनाएगी। हालांकि, जीएसटीएन ने इन्फोसिस को इस प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी है ताकि हितों में टकराव की किसी गुंजाइश को खत्म किया जा सके।
जीएसटीएन की सूचना के अनुसार इच्छुक बोलीदाता का सालाना कारोबार 300 करोड़ रुपए का होना चाहिए तथा वह बीते तीन साल से मुनाफा कमा रही हो। इस तरह की कंपनी की नियुक्ति छह साल के लिए की जाएगी।