नई दिल्ली। प्याज की कीमतों में आई तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार इसके निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए जो सब्सिडी दे रही थी उसे अब बंद करने की घोषणा की गई है। पिछले 1 महीने में प्याज की कीमतों में लगभग 48 प्रतिशत का उछाल आया है और भविष्य में कीमतें नियंत्रण में रह सके इसके लिए सरकार ने निर्यात पर दी जा रही 10 प्रतिशत सब्सिडी को बंद करने का फैसला किया है।
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भाव की बात करें तो प्याज के कारोबार के लिए देशभर में सबसे बड़ी मंडी महाराष्ट्र के लासलगांव में मंगलवार को औसत भाव 1330 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जो लगभग 8 महीने में सबसे ज्यादा भाव है। पिछले 1 महीने के दौरान लासलगांव में प्याज के भाव में लगभग 48 प्रतिशत का उछाल आया है, 10 मई को लासलगांव मंडी में प्याज का औसत भाव 901 रुपए प्रति क्विंटल था।
सरकार ने इस साल प्याज उत्पादन के अनुमान में कटौती की है, कृषि मंत्रालय की तरफ से जारी बागवानी फसलों के लिए दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक फसल वर्ष 2018-19 के दौरान प्याज उत्पादन 232.84 लाख टन होने का अनुमान है, इससे पहले प्रथम अग्रिम अनुमान में उत्पादन 236.10 लाख टन रहने की संभावना जताई गई थी। हालांकि पिछले साल यानि 2017-18 के दौरान भी देश में 232.62 लाख टन प्याज का उत्पादन हुआ है।