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स्वदेशी लैपटॉप और कंप्यूटर को मिलेगा बढ़ावा, कैबिनेट दे सकती है PLI स्कीम को मंजूरी

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Feb 24, 2021 10:34 am IST,  Updated : Feb 24, 2021 11:07 am IST

सरकार भारत में लैपटॉप, कम्प्यूटर, टैबलेट और सर्वर बनाने वाली कंपनियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान कर सकती है।

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स्वदेशी लैपटॉप और कंप्यूटर को मिलेगा बढ़ावा, केबिनेट दे सकती है PLI स्कीम को मंजूरी Image Source : FILE

आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक होने जा रह है। इस दौरान सरकार भारत में लैपटॉप, कम्प्यूटर, टैबलेट और सर्वर बनाने वाली कंपनियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान कर सकती है। आज कैबिनेट में PLI यानि प्रॉडक्शन लिंक इंसेन्टिव (PRODUCTION-LINKED INCENTIVE) स्कीम को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि लैपटॉप, टैब, कंप्यूटर, सर्वर को भी PLI स्कीम के दायरे में लाया जा सकता है।

आज होने वाली कैबिनेट की अहम बैठक में  लैपटॉप, टैब, कंप्यूटर के लिए PLI स्कीम का एलान हो सकता है।  बता दें कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत अभी तक 10 सेक्टर के लिए यह PLI स्कीम लागू की गई है। लेकिन इसमें लैपटॉप जैसे प्रोडक्ट शामिल नहीं थे। सूत्रों के मुताबिक 4 साल के लिए करीब 7300 करोड़ PLI स्कीम का प्रस्ताव है। वहीं  PLI स्कीम  के तहत 2 से 4 फीसदी इंसेंटिव्स देने का भी प्रस्ताव है।

सूत्रों के अनुसार आज की कैबिनेट की बैठक में घरेलू कंपनियों के लिए 4 साल में 20 करोड़ रुपये  निवेश की शर्त संभव होगी। वहीं विदेशी कंपनियों के लिए 4 साल में 500 करोड़ रुपये निवेश की शर्त संभव है।  सूत्रों के  मुताबिक आज होने वाले कैबिनेट की अहम बैठक में विदेशी कंपनियों के लिए लैपटॉप औऱ टैबलेट की कीमत पर कुछ शर्त रखी जा सकती है।  ये  PLI स्कीम 1 अप्रैल से लागू हो सकती है।

एसी और एलईडी लाइट को मिल चुकी है मंजूरी 

हाल ही में व्यय वित्त समिति ने देश में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एसी और एलईडी लाइट को पीएलआई योजना के तहत लाने के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नवंबर में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत एयर कंडीशनर और एलईडी लाइटों के लिए 6,238 करोड़ रुपये के परिव्यय को मंजूरी दी थी। इसका मकसद भारतीय विनिर्माताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। समिति की सिफारिशों के आधार पर डीपीआईआईटी ने एक मसौदा कैबिनेट नोट तैयार किया था। इस योजना के तहत भारत में विनिर्मित सामानों की बिक्री में आधार वर्ष 2019-20 के मुकाबले पांच साल तक वृद्धि होने पर चार से छह प्रतिशत तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

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