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बड़े NPA खातों के निपटारे से बैंकों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक मिलने की उम्मीद, जानिए 12 बड़े खाते

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : May 20, 2018 06:54 pm IST,  Updated : May 20, 2018 06:54 pm IST

वित्त मंत्रालय भूषण स्टील मामले के निपटान से उत्साहित है और उसे उम्मीद है कि बैंकों को फंसे कर्ज (NPA) के सभी 12 बड़े मामलों के समाधान से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक मिलेंगे। ये वे मामले हैं जिन्हें रिजर्व बैंक ने अपनी पहली सूची में ऋण शोधन कार्यवाही के लिये भेजा है। पिछले सप्ताह टाटा समूह ने कर्ज में डूबी भूषण स्टील लि में 36,000 करोड़ रुपये में 72.65 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया। इससे जहां फंसे कर्ज के मामले में बैंक सुदृढ होंगे वहीं उनका लाभ भी बढ़ेगा।

Govt expects banks to get back over Rs 1 trn with resolution of 12 big NPAs- India TV Hindi
Govt expects banks to get back over Rs 1 trn with resolution of 12 big NPAs

नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय भूषण स्टील मामले के निपटान से उत्साहित है और उसे उम्मीद है कि बैंकों को फंसे कर्ज (NPA) के सभी 12 बड़े मामलों के समाधान से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक मिलेंगे। ये वे मामले हैं जिन्हें रिजर्व बैंक ने अपनी पहली सूची में ऋण शोधन कार्यवाही के लिये भेजा है। पिछले सप्ताह टाटा समूह ने कर्ज में डूबी भूषण स्टील लि में 36,000 करोड़ रुपये में 72.65 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया। इससे जहां फंसे कर्ज के मामले में बैंक सुदृढ होंगे वहीं उनका लाभ भी बढ़ेगा।

बैंकों के कुल NPA का 25% 12 खातों में फंसा

वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शेष 11 NPA मामलों के ऋण शोधन एवं दिवाला संहिता (IBC) के तहत निपटारे से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पास एक लाख करोड़ रुपये से अधिक आएंगे तथा बैंका का लाभ बढ़ेगा एवं फंसा कर्ज कम होगा। पिछले साल जून में रिजर्व बैंक (RBI) की आंतरिक परामर्श समिति ने 12 खातों की पहचान की है। इन खातों में बैंकों का काफी बकाया है। इन 12 खातों में जितना कर्ज बैंकों का फंसा है वह राशि बैंकों के कुल एनपीए का 25 प्रतिशत तक बैठती है। 

ये है 12 बड़े NPA मामले

RBI के परामर्श के बाद बैंकों ने भूषण स्टील लि, भूषण पावर एंड स्टील लि, एस्सार स्टील लि, जेपी इंफ्राटेक लि, लैंको इंफ्राटेक लि, मोनेट इस्पात एंड एनर्जी लि, ज्योति स्ट्रक्चर्स लि, एलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लि, एमटेक आटो लि, एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लि, आलोक इंडस्ट्रीज लि, तथा एबीजी शिपयार्ड लि को एनसीएलटी के पास भेजा। इन सभी फंसे कर्ज के खातों में कुल मिलाकर 1.75 लाख करोड़ रुपये का बकाया है।

कुछ और मामलों के जल्द सुलझने की उम्मीद

राष्ट्रीय कंपनी विधि प्राधिकरण (NCLT) की कोलकाता पीठ पहले ही इलेक्ट्रो स्टील स्टील्स के अधिग्रहण को लेकर वेदांता रिर्सोसेज की समाधान योजना को मंजूरी दे चुका है। इसके अलावा NCLT ने पिछले महीने ही भूषण पावर एंड स्टील के कर्जदाताओं से ब्रिटेन की लिबर्टी हाउस की बोली पर विचार करने को कहा है। भूषण पावर एंड स्टील के ऊपर बैंकों का 48,000 करोड़ रुपये बकाया है। पंजाब नेशनल बैंक ने पिछले साल जून में मामले को एनसीएलटी के पास भेजा।

पिछले हफ्ते टाटा ने भूषण स्टील को खरीदा

पिछले सप्ताह ही टाटा स्टील की पूर्णस्वामित्व वाली कंपनी बामनीपाल स्टील लिमिटेड ने 36,400 करोड़ रुपये का भुगतान कर भूषण स्टील में 72.65 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली। इसमें से 35,200 करोड़ रुपये का भुगतान वित्तीय कर्जदाताओं को दिया जायेगा। 

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