इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ने अपनी डूबती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए अंतत: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के आगे हाथ फैला दिए हैं। पाकिस्तान ने आईएमएफ से अब तक का सबसे बड़ा ऋण पैकेज मांगा है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने शुरुआती स्तर पर आईएमएफ के सामने 8 अरब डॉलर के ऋण पैकेज की मांग की है। आज आईएफएफ प्रमुख क्रिस्टीना लेगार्ड ने बाली में पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर से मुलाकात की, जिसमें ऋण पैकेज को लेकर चर्चा हुई।
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पाकिस्तान ने गंभीर आर्थिक संकट से उबरने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से इस ऋण की मांग की है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इस ऋण पैकेज के बदले आईएमएफ पाकिस्तान के सामने कड़ी शर्तें रख सकता है। पाकिस्तान इन प्रतिबंधों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त ऋण की मांग कर सकता है और यह ऋण पैकेज 12 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने आईएमएफ से ऋण पैकेज हासिल करने के लिए संभावनाएं तलाशना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के सत्ता में रहने और अंतरिम सरकार के दौरान भी इस मसले पर बातचीत हुई थी।
हालांकि, इस पर अंतिम फैसला सोमवार रात को हुआ, जब वित्त मंत्री असद उमर ने विदेशी मुद्रा भंडार संकट से बाहर निकलने के लिए आईएमएफ से राहत पैकेज की मांग करने की पुष्टि की। आईएमएफ ने मंगलवार को कहा कि वह वित्तीय सहायता के पाकिस्तान के अनुरोध को बहुत ही सावधानीपूर्वक सुनेगा। पाकिस्तान आईएमएफ से इससे पहले भी एक दर्जन से ज्यादा वित्तीय पैकेज ले चुका है।