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अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे सुधार की ओर, बीत चुका है बुरा वक्त: PHDCCI

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Oct 25, 2020 06:10 pm IST,  Updated : Oct 25, 2020 06:12 pm IST

उद्योग मंडल के मुताबिक 25 प्रमुख आर्थिक संकेतकों से संकेत मिलता है कि कारोबारी गतिविधियों अब सामान्य हो रही हैं। उद्योग मंडल ने हालांकि कहा कि सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बेरोजगारी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बेरोजगारी की दर अब भी चिंता का विषय है। अगस्त में यह बढ़कर 8.3 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 7.4 प्रतिशत थी।

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अर्थव्यवस्था के लिए बुरा दौर बीता- PHDCCI Image Source : GOOGLE

नई दिल्ली। उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 7.9 प्रतिशत की गिरावट आएगी। पीएचडीसीसीआई ने कहा है कि अब बुरा समय बीत चुका है और भारतीय अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे सुधार की राह पर है। उद्योग मंडल ने हालांकि कहा कि सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बेरोजगारी है। पीएचडीसीसीआई ने यह निष्कर्ष 25 प्रमुख आर्थिक संकेतकों के आधार पर निकाला है। इनसे संकेत मिलता है कि कारोबारी गतिविधियों अब सामान्य हो रही हैं। पीएचडीसीसीआई ने एक रिपोर्ट में कहा कि बेरोजगारी की दर अब भी चिंता का विषय है। अगस्त में यह बढ़कर 8.3 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 7.4 प्रतिशत थी।

पीएचडीसीसीआई ने कहा कि आगे चलकर भारत को चीन से आयात समाप्त करने और मित्र अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसके अलावा घरेलू क्षमता का निर्माण करना चाहिए। साथ ही आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए घरेलू उत्पादन का स्तर बढ़ाने पर भी ध्यान देना चाहिए। पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि निर्यात उत्पादों के पोर्टफोलियो का अधिक देशों और साथ ही अधिक उत्पादों के हिसाब से विविधीकरण करने की जरूरत है। अग्रवाल ने कहा कि सरकार द्वारा पिछले छह माह के दौरान उठाए गए कदमों की वजह से अब अर्थव्यवस्था में सुधार दिखने लगा है।

महामारी की वजह से देश में मार्च के बाद से लॉकडाउन लगाया गया। जिसमें मई से धीरेधीरे छूट दी गई। लॉकडाउन के दौरान कारोबारी गतिविधियां बिल्कुल बंद रही। इसकी वजह से ही पहली तिमाही के दौरान देश की अर्थव्यवस्था में करीब 23 फीसदी की तेज गिरावट देखने को मिली। फिलहाल गतिविधियां धीरे धीरे वापस पटरी पर आ रही हैं, जिसकी वजह से रिकवरी की उम्मीद बन गई है।

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