1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. जनधन खातों के जरिए धोखाधड़ी की अधिक आशंका: रिजर्व बैंक

जनधन खातों के जरिए धोखाधड़ी की अधिक आशंका: रिजर्व बैंक

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : May 23, 2016 08:06 pm IST,  Updated : May 23, 2016 08:06 pm IST

RBI ने जनधन खातों का दुरूपयोग किए जाने की आशंका जताते हुए आगाह किया कि इन खातों के जरिए धोखाधड़ी का अधिक डर है।

जनधन खातों के जरिए धोखाधड़ी की अधिक आशंका, RBI ने कहा लेन-देन पर बैंक रखें उचित नजर- India TV Hindi
जनधन खातों के जरिए धोखाधड़ी की अधिक आशंका, RBI ने कहा लेन-देन पर बैंक रखें उचित नजर

मुंबई। RBI ने जनधन खातों का दुरुपयोग किए जाने की आशंका जताते हुए आगाह किया कि इन खातों के जरिए धोखाधड़ी का अधिक डर है और उसने बैंकों से इस तरह की गतिविधियों के प्रति सचेत रहने को कहा है। RBI के डिप्टी गवर्नर एस एस मूंदड़ा ने कहा है कि बैंकों के पास इन खातों में लेन-देन की निगरानी के लिए उचित प्रणाली होनी चाहिए।

उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा, प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत नए खुले खातों के जरिए धोखाधड़ी वाली गतिविधियां किए जाने की आशंका अधिक है। बैंकों को इन खातों के दुरुपयोग के खिलाफ स्पष्ट रूप से सचेत रहने की जरूरत है। मूंदड़ा ने इस बारे में एक मामले का जिक्र किया, जिसमें एक निष्क्रिय  खाते का इस्तेमाल धन पाने व स्थानांतरित करने के लिए किया जा रहा था, जबकि खाताधारक को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। यह मामला तब सामने आया, जब  आयकर विभाग ने खाता धारक को नोटिस जारी किया।

यह भी पढ़ें- जनधन खातों में जमा हुआ 36,000 करोड़ रुपए, 28 करोड़ से ज्‍यादा खोले जा चुके हैं एकाउंट

ऋण कारोबार में निकट भविष्य में ठोस बढोतरी की उम्मीद नहीं: एसबीआई

एसबीआई की एक रिपोर्ट के अुनसार देश में ऋण वृद्धि में निकट भविष्य में वास्तव में पुनरत्थान की उम्मीद नहीं है क्योंकि मांग में सुस्ती अब भी बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार देश में ऋण वृद्धि जोर पकड़ रही है यह कहना अभी बहुत जल्दबाजी व अपरिपक्व होगा। एसबीआई ने एक अनुसंधान पत्र में कहा है कि 2015-16 वित्त वर्ष में ऋण उठाव में सुधार के कुछ संकेत मिले और 18 मार्च 2016 तक यह 11.3 फीसदी रही। इस साल 29 अप्रैल को ऋण उठाव फिर घटकर 9.2 फीसदी रहा। इसके अनुसार, कमजोर मांग को देखते हुए हमें ऋण वृद्धि में बढ़त को लेकर संशय है, क्योंकि बैंक भी अपने खातों की स्वच्छ कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें- SBI को अपने 5 सहायक बैंकों का विलय करने के लिए खर्च करने होंगे 1660 करोड़ रुपए

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा