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जे एंड के बैंक को 56 करोड़ रुपए का तिमाही घाटा

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : May 24, 2016 09:17 pm IST,  Updated : May 24, 2016 09:17 pm IST

अटके कर्जों के मामले में उंची राशि का प्रावधान करने के चलते निजी क्षेत्र के जम्मू एंड कश्मीर बैंक को चौथी तिमाही में 56.02 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ।

जेएंडके बैंक को 56 करोड़ रुपए का तिमाही घाटा- India TV Hindi
जेएंडके बैंक को 56 करोड़ रुपए का तिमाही घाटा

नई दिल्ली। अटके कर्जों के मामले में उंची राशि का प्रावधान करने के चलते निजी क्षेत्र के जम्मू एंड कश्मीर बैंक को चौथी तिमाही में 56.02 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ। बैंक ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष 2014-15 में इसी अवधि में उसे 101.61 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था। आलोच्य अवधि में बैंक की कुल आय पिछले साल की 2,023.50 करोड़ रुपए से घटकर 1,805.33 करोड़ रुपए रह गई।

मार्च 2016 तक बैंक की सकल गैर निष्पादित आस्तियां (अटके कर्ज) 4,368.62 करोड़ रुपए रहीं जो उसके द्वारा बांटे गए सकल कर्ज का 8.32 फीसदी है। पिछले साल इसी समय बैंक का फंसा हुआ कर्ज उसके सकल कर्ज का 6.81 फसदी यानी 3,339.45 करोड़ रुपए रहा था। पूरे वित्त वर्ष के लिए बैंक का शुद्ध लाभ 416.04 करोड़ रुपए रहा जो पिछले साल रहे 508.60 करोड़ रुपए के मुनाफे से 18.2 फीसदी कम है। इस अवधि में बैंक की कुल आय पिछले वित्त वर्ष की कुल आय 7,655.10 करोड़ रुपए से घटकर 7,347.60 करोड़ रुपए रही।बैंक ने बताया कि इसके निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2015-16 के लिए प्रति शेयर 1.75 रुपए का लाभांश देने की सिफारिश की है।

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स्विट्जरलैंड ने मलेशिया घोटाले से जुड़े बैंक को खुर्द-बुर्द करने की दी मंजूरी

स्विट्जरलैंड के वित्तीय नियामकों ने लुगानो स्थित बीएसआई बैंक को भ्रष्टाचार के मामले में फंसे मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक से तार जुड़े होने के मामले में खुर्द-बुद करने की मंजूरी दी है। स्विट्जरलैंड के वित्तीय नियामक फिन्मा ने मर्चेंट बैंक, बीएसआई पर मलेशियाई सावरेन वेल्थ फंड 1एमडीबी के साथ सौदों में मनी लांडरिंग नियमों के गंभीर उल्लंघन के आरोप लगाए हैं।

फिन्मा ने एक बयान में कहा कि वह ज्यूरिख के एक निजी बैंकिंग समूह ईएफजी इंटरनैशनल को कुछ शर्त के साथ इस मर्चेंट बैंक के अधिग्रहण की अनुमति दी है। शर्त है कि बीएसई के काम को 12 महीने के अंदर पूरी तरह एकीकृत कर लिया जाएगा। यह इस देश में ऐसे मामले में अब तक उठाया गया सबसे सख्त कदम है। नियामक ने बीएसई के गैरकानूनी तरीके से अर्जित मुनाफे में 9.5 करोड़ स्विस फ्रांक (9.6 करोड़ डॉलर) जब्त करने का भी आदेश दिया है।

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