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शिपिंग और पोर्ट सेक्‍टर में मिलेगी 1 करोड़ लोगों को नौकरी, सरकार ने बनाई विकास की योजना

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Mar 09, 2016 09:41 pm IST,  Updated : Mar 10, 2016 10:17 am IST

केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग व शिपिंग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि शिपिंग और पोर्ट सेक्‍टर में अगले पांच साल के दौरान एक करोड़ लोगों को रोजगार हासिल होगा।

शिपिंग और पोर्ट सेक्‍टर में मिलेगी 1 करोड़ लोगों को नौकरी, सरकार ने बनाई विकास की योजना- India TV Hindi
शिपिंग और पोर्ट सेक्‍टर में मिलेगी 1 करोड़ लोगों को नौकरी, सरकार ने बनाई विकास की योजना

नई दिल्‍ली। केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग व शिपिंग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि शिपिंग और पोर्ट सेक्‍टर में अगले पांच साल के दौरान एक करोड़ लोगों को रोजगार हासिल होगा। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने इस क्षेत्र को अपनी प्रमुखता की सूची में सबसे ऊपर रखा है। उन्‍होंने कहा कि अगले महीने आयोजित होने वाले मैरीटाइम इंडिया समिट के लिए पहले ही 1.2 लाख करोड़ रुपए मूल्‍य के प्रोजेक्‍ट की पहचान की जा चुकी है। इस समिट में 57 देशों के भागीदार हिस्‍सा ले रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि भारत मैरीटाइम सेक्‍टर में निवेश के अवसर उपलब्‍ध करा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पोर्ट का विकास देश के विकास के लिए जरूरी है। गडकरी ने कहा कि दुर्भाग्‍य से भारत का मैरीटाइम सेक्‍टर दुनिया में सबसे निचले पायदान पर है लेकिन सरकार ने इसके विकास को प्राथमिकता से लिया है।

स्मार्ट सिटी में मिलेंगी नौकरियां, देखिए क्या होगा इसमें खास

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उन्‍होंने कहा कि ये सेक्‍टर अगले पांच साल में 40 लाख डायरेक्‍ट और 60 लाख इनडायरेक्‍ट रोजगार पैदा करेगा। 14 से 16 अप्रैल को मुंबई में मैरीटाइम इंडिया समिट का आयोजन किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर की भारत की जीडीपी में 20-24 फीसदी हिस्‍सेदारी है लेकिन उच्‍च लॉजिस्टिक्‍स लागत की वजह से इसकी ग्रोथ में बाधा उत्‍पन्‍न हो रही है। उन्‍होंने कहा कि हम वाटर ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देकर इस समस्‍या का समाधान कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत में लॉजिस्टिक कॉस्‍ट 18 फीसदी है, जबकि चीन में यह 8-10 फीसदी और यूरोप में 10-12 फीसदी है। दिल्‍ली की तुलना में मुंबई से लंदन सामान भेजना आसान और कम खर्चीला है।

उन्‍होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जलमार्ग और पोर्ट का विकास कर लॉजिस्टिक कॉस्‍ट को कम करना है। उन्‍होंने कहा कि सड़क मार्ग से माल ढुलाई का खर्च 1.5 रुपए प्रति किलोमीटर और रेल मार्ग से 1 रुपए प्रति किलोमीटर है, जबकि जलमार्ग से ढुलाई खर्च मात्र 25 पैसा प्रति किलोमीटर आएगा।

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