नई दिल्ली। किसान संगठनों के अखिल भारतीय परिसंघ (एफएआईएफए) ने मंगलवार को कहा कि हाल में पारित कृषि विधेयकों से किसानों को किसी भी राज्य में अपनी फसल बेचने की आजादी मिलेगी और फसल खरीद की प्रक्रिया में उनका नियंत्रण बढ़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली मोदी सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए एफएआईएफए ने कहा कि संसद में पारित दोनों विधेयकों से किसानों की समृद्धि और उनकी आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी।
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एफएआईएफए का दावा है कि वह आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और गुजरात में वाणिज्यिक फसलों की खेती करने वाले किसानों और खेत श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करती है। परिसंघ ने एक बयान में कहा कि ये दूरदर्शी विधेयक किसानों के लिए एक स्थायी और लाभदायक भविष्य सुनिश्चित करेंगे।
एफएआईएफए के अध्यक्ष बी वी जवारे गौड़ा ने कहा कि नए नियमों से एक ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण होगा, जहां किसान और व्यापारी कृषि उपज की बिक्री और खरीद पूरी आजादी के साथ अपनी पसंद से कर सकेंगे और राज्यों के बीच व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा यह समय पर उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है, जो किसानों को एक खुला बाजार उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि कारोबार करने की आजादी के साथ किसान अब अपनी आय को स्वयं नियंत्रित कर पाने में सक्षम होंगे। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय है जो कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एक लंबा रास्ता तय करेगा।