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कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर किया तीखा वार, कहा मोदी राज में हुए 70,000 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले

 Edited By: Manish Mishra
 Published : Jun 26, 2018 07:59 am IST,  Updated : Jun 26, 2018 11:57 am IST

कांग्रेस ने सोमवार को केंद्र सरकार पर तीखा वार करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के शासन में भारत में वित्तीय अराजकता और आर्थिक कुप्रबंधन के कारण 70,000 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले हुए। कांग्रेस ने कहा कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए भारतीय जीवन बीमा (एलआईसी) को डूबते हुए आईडीबीआई बैंक को खरीदने को बाध्य कर रही है।

Randeep Singh Surjewala- India TV Hindi
Randeep Singh Surjewala

नई दिल्ली कांग्रेस ने सोमवार को केंद्र सरकार पर तीखा वार करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के शासन में भारत में वित्तीय अराजकता और आर्थिक कुप्रबंधन के कारण 70,000 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले हुए। कांग्रेस ने कहा कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए भारतीय जीवन बीमा (एलआईसी) को डूबते हुए आईडीबीआई बैंक को खरीदने को बाध्य कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि कई बैंकों में हुए घोटाले से बैंकिंग क्षेत्र में संकट गहरा गया है। एक और 6,978 करोड़ रुपए का बैंक घोटाला उजागर होने के बाद अब 13 बैंकों में हुए घोटाले की कुल रकम 70,014 करोड़ रुपए हो गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि फरीदाबाद स्थित डायवर्सिफाइड कंपनी, एसआरएस समूह आपराधिक साजिश, ठगी और 6,978 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में लिप्त रही है जिसने कथित तौर पर सैकड़ों फर्जी कंपनियों के जरिये 17 बैंकों को चूना लगाया है। कंपनी ने काले धन को सफेद करने के साथ-साथ घर खरीदने वाले हजारों लोगों के साथ धोखाधड़ी की है।

वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में भारतीय बैंकों का घाटा 90,000 करोड़ रुपए होने का जिक्र करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार में वित्तीय अराजकता लगातार जारी है और एनपीए जो 2013-14 में 2,63,000 करोड़ रुपए था वह बढ़कर 10,30,000 करोड़ रुपये हो गया है।

उन्होंने कहा कि आईडीबीआई बैंक चौथी तिमाही में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक रहा जिसका घाटा बढ़कर 5,663 करोड़ रुपए हो गया और एनपीए बढ़कर 55,588.26 करोड़ रुपए हो गया। उन्होंने कहा कि बैंक के खराब कर्ज का अनुपात करीब 28 फीसदी है।

सुरजेवाला ने कहा कि एलआईसी पॉलिसी धारकों की गाढ़ी कमाई के 38 करोड़ रुपए के धन से डूबते हुए आईडीबीआई बैंक को खरीदने के लिए दबाव डाला जा रहा है।

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