नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करदाताओं को आश्वस्त किया कि वह जिम्मेदारी और जवाबदेही तय उनके मन से टैक्स अधिकारियों की ज्यादती का खौफ दूर करेंगे। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा, मध्यम वर्ग, उच्च मध्यम वर्ग पुलिस से ज्यादा आयकर अधिकारियों से घबराता था। मैंने इस स्थिति को बदला है। मैं इस पर काम कर रहा हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी इच्छा केवल सरकार द्वारा किए जा रहे काम पर जोर देना नहीं है बल्कि कार्य संस्कृति पर भी है।
पीएम ने कहा कि पूर्व में ईमानदार नागरिक रिफंड का दावा करते समय परेशानी महसूस करते थे लेकिन अब पूरी प्रणाली इलेक्ट्रॉनिक रूप में आ गई है। रिफंड एक सप्ताह के भीतर बैंक खातों में पहुंच रहा है। मोदी ने कहा, एक समय था जब आम और ईमानदार नागरिक अपना आयकर देते समय दो रुपए ज्यादा देते थे ताकि उन्हें आगे कोई समस्या नहीं आए। लेकिन जब धन सरकारी खजाने में आ जाता तब उन्हें उसकी वापसी में अच्छी-खासी मशक्कत करनी पड़ती। उन्हें संपर्कों का इस्तेमाल करना पड़ता और सरकारी खजाने से नागरिकों रिफंड में महीनों लगते।
मोदी ने कहा, आज हम ऑनलाइन रिफंड की ओर बढ़े हैं। एक सप्ताह, दो सप्ताह या तीन सप्ताह में रिफंड आने शुरू हो जा रहे हैं। यह जवाबदेही और उत्तरदायित्व जैसे उपायों का परिणाम है। चालू वित्त वर्ष में एक अगस्त में 11.91 लाख करदाताओं को 5,000 रुपए तक रिफंड वापस किए जा चुके हैं। कुल मिलाकर 244 करोड़ रुपए रिफंड किए गए हैं।