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SBI ने बनाई 10 लाख YONO कैश प्‍वॉइंट स्‍थापित करने की योजना, ग्राहक बिना कार्ड के ATM से निकाल सकेंगे पैसे

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Aug 22, 2019 01:36 pm IST,  Updated : Aug 22, 2019 01:36 pm IST

एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म सुरक्षित है और इसके प्रयोग में डेबिट कार्ड के इस्तेमाल की जरूरत नहीं होगी।

SBI plans to establish nearly 10 lakh YONO Cash Points- India TV Hindi
SBI plans to establish nearly 10 lakh YONO Cash Points Image Source : SBI PLANS TO ESTABLISH NE

नई दिल्‍ली। बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने की मंशा से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) अगले 18 महीनों में देश भर में 10 लाख योनो कैश प्‍वॉइंट स्थापित करेगा। योनो कैश प्वाइंट के जरिये उसके ग्राहक बिना डेबिट कार्ड के ही एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं और अन्य भुगतान कर सकते हैं।

एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म सुरक्षित है और इसके प्रयोग में डेबिट कार्ड के इस्तेमाल की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि योनो कैश के जरिये भविष्य में ग्राहक बिलों का भुगतान और डिजिटल लेन-देन कर सकते हैं। आगामी 18 महीनों में हम देश में 10 लाख योनो कैश प्‍वॉइंट स्थापित करेंगे। लगभग 70 हजार कैश प्‍वॉइंट पहले से ही स्थापित किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि बैंक की डेबिट कार्ड बंद करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग में वृद्धि से ग्राहक के लिए डेबिट कार्ड की आवश्यकता कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हम डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म को लोकप्रिय बना रहे हैं। यह अधिक सुरक्षित है और ग्राहक को इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करने पर डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।

योनो एक डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म है और ग्राहक नकद निकासी के लिए अपने स्मार्टफोन का प्रयोग कर सकते हैं। इसके जरिये लेनदेन और बिलों का भुगतान भी किया जा सकता है। कुमार ने बताया कि बैंकों द्वारा आवास ऋण को रेपो रेट से जोड़े जाने की नई पेशकश पर ग्राहकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह ग्राहकों की इच्छा पर है कि वे नए उत्पाद के साथ जाएं अथवा अपने गृह ऋण को एमसीएलआर के साथ जोड़ कर रखें।

वाहन क्षेत्र में मंदी के बारे में उन्होंने कहा कि इसके व्यापक विश्लेषण की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने कृषि क्षेत्र को वाणिज्यिक रूप से व्यावहारिक बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि कर्ज माफी के बावजूद किसानों की स्थिति नहीं सुधरती है इसलिए इस पर विचार किया जाना चाहिए। 

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