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Adani Group के लिए खुशखबरी, मिला अबू धाबी की बड़ी कंपनी का साथ, आरोपों पर कहा- हमें है पूरा विश्वास

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Nov 28, 2024 02:37 pm IST,  Updated : Nov 28, 2024 02:37 pm IST

अडानी समूह ने इस बात पर जोर दिया था कि अरबपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी पर कथित रिश्वतखोरी के मामले में अमेरिका के विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (FCPA) के उल्लंघन का कोई आरोप नहीं लगाया गया है।

गौतम अडानी न्यूज- India TV Hindi
गौतम अडानी न्यूज Image Source : FILE

अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) ने कहा कि अडानी समूह के संस्थापक चेयरमैन गौतम अडानी पर अमेरिका में अभियोग के बावजूद समूह में निवेश को लेकर उसका नजरिया बदला नहीं है। अडानी समूह के प्रमुख विदेशी निवेशकों में से एक आईएचसी ने एक बयान में कहा, ‘‘अडानी समूह के साथ हमारी साझेदारी हरित ऊर्जा और टिकाऊ क्षेत्रों में उनके योगदान में हमारे विश्वास को दर्शाती है।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘हमारे सभी निवेशों की तरह हमारा दल प्रासंगिक जानकारी और घटनाक्रम का मूल्यांकन करना जारी रखे हुए है। इस समय इन निवेशों पर हमारा नजरिया यथावत है।’’

अडानी एंटरप्राइजेज में बढ़ाई थी हिस्सेदारी

आईएचसी ने अप्रैल 2022 में रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लि. (AGEL) और बिजली कंपनी अडानी ट्रांसमिशन में करीब 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निवेश किया था। उसने समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज में एक अरब डॉलर का निवेश किया था। हालांकि, बाद में उसने एजीईएल में अपनी 1.26 प्रतिशत हिस्सेदारी और एटीएल (जिसे अब अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड कहा जाता है) में 1.41 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी थी। लेकिन अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर पांच प्रतिशत की थी।

FCPA के उल्लंघन का नहीं है कोई आरोप

इससे पहले अडानी समूह ने इस बात पर जोर दिया था कि अरबपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी पर कथित रिश्वतखोरी के मामले में अमेरिका के विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (FCPA) के उल्लंघन का कोई आरोप नहीं लगाया गया है। बल्कि उन पर प्रतिभूति धोखाधड़ी के तहत आरोप लगाया गया है जिसमें मौद्रिक दंड लगाया जा सकता है। एजीईएल पर आरोप है कि सौर ऊर्जा बिक्री ठेका हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 26.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की रिश्वत दी गई, जिससे कंपनी को 20 वर्ष की अवधि में दो अरब अमेरिकी डॉलर का लाभ हो सकता था। कंपनी ने कहा कि एजीईएल के तीन अधिकारियों पर केवल प्रतिभूति धोखाधड़ी की साजिश, वायर धोखाधड़ी की साजिश और प्रतिभूति धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। आम तौर पर ऐसे आरोपों के लिए दंड रिश्वतखोरी की तुलना में कम गंभीर होते हैं। अडानी समूह ने पिछले सप्ताह सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि वह अपने बचाव के लिए हर संभव कानूनी रास्ता अपनाएगा।

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