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अयोध्या में जमीन की कीमतें आसमान छू रहीं, सर्किल रेट 200% तक बढ़ा, जानें सबसे महंगा दाम कहां?

 Published : Jun 09, 2025 09:47 pm IST,  Updated : Jun 09, 2025 09:47 pm IST

सर्किल दरों में 200 प्रतिशत तक की वृद्धि होने के चलते अयोध्या में जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं। रकाबगंज, देवकाली और अवध विहार आवासीय योजनाएं अब जिले में सबसे महंगी हैं।

अयोध्या में स्थित नवनिर्मित भव्य राम जन्मभूमि मंदिर।- India TV Hindi
अयोध्या में स्थित नवनिर्मित भव्य राम जन्मभूमि मंदिर। Image Source : PTI

अयोध्या में प्रॉपर्टी रेट सातवें आसमान पर हैं। सर्किल दरों में 200 प्रतिशत तक की वृद्धि होने के चलते अयोध्या में जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि आठ साल बाद अयोध्या की सर्किल दरों में 30 से 200 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह वृद्धि स्थान और भूमि उपयोग के आधार पर की गई है। सोमवार को लागू हुई नई दरों का राम जन्मभूमि मंदिर के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इलाकों पर विशेष असर पड़ा है, जहां दरों में 150 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

26,600-27,900 रुपये प्रति वर्ग मीटर

खबर के मुताबिक, रकाबगंज, देवकाली और अवध विहार आवासीय योजनाएं अब जिले में सबसे महंगी हैं। धार्मिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास के कारण प्रमुख स्थान मंदिर के आसपास के सर्किल रेट को संशोधित कर 26,600-27,900 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है - जो पहले की 6,650-6,975 रुपये की दरों से काफी अधिक है। सदर (फैजाबाद) तहसील के उप-पंजीयक शांति भूषण चौबे ने यह जानकारी दी है। सितंबर 2024 में प्रस्तुत प्रस्ताव के बाद संशोधित दरें लागू की गई हैं।

चौबे ने बताया कि आपत्तियों के समाधान के बाद, जिला मजिस्ट्रेट टीकाराम फुंडे ने नई सर्किल दरों को मंजूरी दे दी है और अब उन्हें लागू कर दिया गया है। सबसे अधिक सक्रिय भूमि लेनदेन वाले क्षेत्रों में सबसे अधिक बढ़ोतरी देखी गई है। चौबे ने बताया कि यह बढ़ोतरी स्थान-विशिष्ट मांग और उपयोग के मुताबिक आवासीय, वाणिज्यिक और कृषि भूमि की अलग-अलग कैटेगरी में अलग-अलग तरीके से लागू की गई है।

बिल्डर्स ने क्या प्रतिक्रिया दी?

अयोध्या में एक बिल्डर फर्म के निदेशक सौरभ विक्रम सिंह ने कहा कि सर्किल रेट में बढ़ोतरी का मतलब स्टांप ड्यूटी में भी बढ़ोतरी है। हालांकि, इससे भूमि के आधिकारिक मूल्य में होने से भूमि मालिकों को लाभ होता है, जिससे बेहतर लोन मूल्यांकन और संपत्ति मूल्यांकन में सहायता मिलती है। रियल एस्टेट डेवलपर विवेक अग्रवाल ने कहा कि इस कदम से बेहिसाब लेनदेन पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। इससे पारदर्शिता को बढ़ावा मिलता है। सर्किल दर वह न्यूनतम मूल्य है जिस पर किसी विशेष क्षेत्र में संपत्ति रजिस्टर की जा सकती है। यह स्टाम्प शुल्क की कैलकुलेशन के लिए आधार रेखा के रूप में कार्य करता है और भूमि अधिग्रहण मामलों में मुआवजा तय करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

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