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बेंगलुरु मेट्रो पिंक लाइन अपडेट: ट्रायल रन ​हुआ शुरू, जानें कब से दौड़ेगी ट्रेन

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Jul 02, 2025 11:44 am IST,  Updated : Jul 02, 2025 11:59 am IST

पिंक लाइन बेंगलुरु मेट्रो के फेज-2 का हिस्सा है, जिसकी कुल लंबाई 21.3 किमी है। यह कलेना अग्रहारा (बन्नरघट्टा रोड) को नागवारा (आउटर रिंग रोड) से जोड़ेगी।

Bengaluru Pink Line- India TV Hindi
बेंगलुरु पिंक लाइन Image Source : FILE

बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो की लंबे समय से प्रतीक्षित पिंक लाइन ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) ने जयदेवा और तवरेकेरे स्टेशनों के बीच एलिवेटेड खंड पर ‘थर्ड रेल’ यानी बिजली आपूर्ति प्रणाली की टेस्टिंग शुरू कर दी है। यह इलेक्ट्रिफिकेशन प्रक्रिया किसी भी मेट्रो लाइन की शुरुआत से पहले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, यह टेस्टिंग अभी केवल कलेना अग्रहारा से नागवारा तक के एलिवेटेड हिस्से तक सीमित है। 

आपको बता दें कि पिंक लाइन को शुरू में साल 2020 में चालू करने का लक्ष्य रखा गया था। बाद में इसे दिसंबर 2025 तक टाल दिया गया, लेकिन अब अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह लाइन 2026 में चरणबद्ध तरीके से चालू होगी। मार्च 2026 तक कलेना अग्रहारा से तवरेकेरे के बीच 7.5 किमी का एलिवेटेड सेक्शन शुरू होने की उम्मीद है, जबकि डेयरी सर्कल से नागवारा के बीच 13.8 किमी लंबा अंडरग्राउंड सेक्शन सितंबर 2026 तक पूरा हो सकता है।

21.3 किमी लंबी है यह मेट्रो लाइन

पिंक लाइन बेंगलुरु मेट्रो के फेज-2 का हिस्सा है, जिसकी कुल लंबाई 21.3 किमी है। यह कलेना अग्रहारा (बन्नरघट्टा रोड) को नागवारा (आउटर रिंग रोड) से जोड़ेगी, जिससे शहर की नॉर्थ-साउथ कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इस लाइन में 13.8 किमी अंडरग्राउंड टनल और 7.5 किमी एलिवेटेड सेक्शन शामिल हैं। पिंक लाइन दक्षिण बेंगलुरु के कलेना अग्रहारा को उत्तर में स्थित नागवारा से जोड़ेगी, जिससे शहर की उत्तर-दक्षिण दिशा की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा।

टनलिंग बनी सबसे बड़ी चुनौती

मेट्रो के भूमिगत सेक्शन के निर्माण में सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण हिस्सा टनलिंग रहा। “बेंगलुरु की ज़मीन में ग्रेनाइट और डोलेराइट जैसी सख्त चट्टानें मिलीं, जिनकी खुदाई बेहद कठिन था। सबसे मुश्किल सेक्शन शिवाजीनगर से वेल्लारा जंक्शन के बीच 2.2 किमी लंबा टनल रहा, जहां शहरी भीड़ और कठोर चट्टानों के चलते कार्य में बार-बार बाधाएं आईं।

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