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योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, गेहूं का MSP ₹160 बढ़ा, 30 मार्च से शुरू होगी खरीद

 Written By: Ruchi Kumar, Edited By: Sourabha Suman
 Published : Mar 23, 2026 01:45 pm IST,  Updated : Mar 23, 2026 03:00 pm IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने आज कैबिनेट की बैठक में किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया। किसानों को अब गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले के मुकाबले ज्यादा मिलेंगे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।- India TV Hindi
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। Image Source : PTI

उत्तर प्रदेश में योगी कैबिनेट की बैठक में किसानों को राहत देने वाला बड़ा फैसला लिया गया है। कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में ₹160 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। खाद्य और रसद विभाग के अनुसार, इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में ₹160 ज्यादा है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।

15 जून 2026 तक चलेगी खरीद

खबर के मुताबिक, राज्य में गेहूं खरीद की प्रक्रिया 30 मार्च 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगी। इस दौरान पूरे प्रदेश के सभी 75 जिलों में करीब 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई परेशानी न हो। सरकार ने खरीद के लिए कुल 8 एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है, जिनमें एफसीआई, यूपी मंडी परिषद, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड और एनसीसीएफ शामिल हैं।

35 प्रस्ताव को मंजूरी

यूपी कैबिनेट की आज हुई मीटिंग में 35 प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एआई को लेकर कहा कि नया उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शक्ति को अपना रहा है। Puch AI के साथ ₹25,000 करोड़ का MoU राज्य में AI पार्क्स, बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, AI कॉमन्स और एक AI यूनिवर्सिटी बनाएंगे। यह पहले शासन को मजबूत करेगी, सुधारों को बढ़ावा देगी और हमारे युवाओं के लिए भविष्य के लिए तैयार अवसर पैदा करेगी।

ऊर्जा क्षेत्र में बड़े फैसले

उत्तर प्रदेश सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। ऊर्जा विभाग से जुड़े प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है, जिनका उद्देश्य बिजली उत्पादन बढ़ाना और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना है। घाटमपुर पावर प्लांट में 660 मेगावॉट की तीन यूनिट स्थापित करने का प्रावधान है, जिनमें से दो यूनिट पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जबकि तीसरी यूनिट जल्द ही चालू होने वाली है।

इस परियोजना के लिए साल 2016 में भारत सरकार ने झारखंड के दुमका जिले में पछवारा कोल माइन आवंटित की थी। अब इस कोल माइन के विकास के लिए ₹2242.90 करोड़ की राशि को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। यह पावर प्लांट केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त उपक्रम है, जिससे प्रदेश में बिजली उत्पादन क्षमता को और मजबूती मिलेगी।

गोरखपुर बनेगा अगला सोलर सिटी

अयोध्या के बाद अब गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंत्रिपरिषद ने गोरखपुर के चिलुआताल में 20 मेगावॉट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाने को मंजूरी दे दी है। राज्य में इससे पहले भी दो फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं- एक औरैया जिले में NTPC द्वारा 20 मेगावॉट क्षमता का और दूसरा खुर्जा में THDC द्वारा 11 मेगावॉट क्षमता का।

गोरखपुर में प्रस्तावित यह फ्लोटिंग सोलर प्लांट कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा स्थापित किया जाएगा। सरकार के इन फैसलों से जहां एक ओर पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा।

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