1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. भोजन, पेय पदार्थों पर GST दरें कमरे के किराए से अलग करने की मांग, होटल में ठहरने वाले को बड़ी बचत होगी

भोजन, पेय पदार्थों पर GST दरें कमरे के किराए से अलग करने की मांग, होटल में ठहरने वाले को बड़ी बचत होगी

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Mar 09, 2025 11:11 pm IST,  Updated : Mar 09, 2025 11:11 pm IST

कोई होटल 7500 रुपये से अधिक का कमरा देता है, तो उसी होटल के रेस्तरां के लिए जीएसटी दर पांच प्रतिशत से 18 प्रतिशत हो जाती है।

GST- India TV Hindi
जीएसटी Image Source : INDIA TV

फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) ने रविवार को होटल में कमरे के किराये से खाद्य और पेय सेवाओं पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को अलग करने की वकालत की। अधिकारियों को दिए गए कई अभ्यावेदनों का हवाला देते हुए एफएचआरएआई ने इस बात पर जोर दिया कि खाद्य और पेय (एफएंडबी) कराधान को होटल के कमरे के किराए से जोड़ने का मौजूदा चलन अनुचित है। साथ ही यह आतिथ्य उद्योग के लिए परिचालन की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण भी है। वर्तमान जीएसटी ढांचे के तहत, जो होटल प्रति कमरा प्रतिदिन 7,500 रुपये या उससे अधिक शुल्क लेते हैं, उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लाभ के साथ एफएंडबी सेवाओं पर 18% जीएसटी देना होगा, जबकि इस सीमा से कम शुल्क वाले होटलों को आईटीसी के बिना 5% जीएसटी देना होगा। इस कदम से होटल में ठहरने वालों को बड़ी बचत होगी। 

होटलों को मिले विकल्प  

एफएचआरएआई ने एक लचीली प्रणाली का प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत सभी होटल रेस्तरां स्वतंत्र रूप से आईटीसी के साथ 18 प्रतिशत जीएसटी या आईटीसी के बिना पांच प्रतिशत जीएसटी का विकल्प चुन सकते हैं, चाहे कमरे का किराया कुछ भी हो। एफएचआरएआई के उपाध्यक्ष प्रदीप शेट्टी ने  बताया, “जैसे ही कोई होटल 7500 रुपये से अधिक का कमरा देता है, तो उसी होटल के रेस्तरां के लिए जीएसटी दर पांच प्रतिशत से 18 प्रतिशत हो जाती है। इसलिए हमने इसे अलग करने के लिए अनुरोध किया है।” 

'जीएसटी 2.0' को सरल बनाना समय की मांग

कांग्रेस ने रविवार को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर के अगले चरण (जीएसटी 2.0) को पूरी तरह सरल और कम दंडात्मक बनाना चाहिए। गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा था कि जीएसटी दरों में और कमी की जाएगी। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि उनकी पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनावों के अपने घोषणापत्र में जीएसटी 2.0 के जरिये एक अच्छे और सरल कर की परिकल्पना की थी। उन्होंने एक बयान में कहा, ''गेंद अब केंद्र सरकार के पाले में है- क्या वे इस ऐतिहासिक अवसर का लाभ उठाएंगे?'' रमेश ने कहा, ''वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि जीएसटी दरों में जल्द ही कमी की जाएगी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दोहराती है कि जीएसटी में कोई भी बदलाव महज दर में कमी से कहीं अधिक व्यापक होना चाहिए।'' 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा