Dhanteras Gold: देशभर में आज धनतेरस का त्योहार मनाया जा रहा है। ये त्योहार दीपावली से दो दिन पहले मनाया जाता है। धनतेरस के मौके पर सोना-चांदी खरीदना काफी शुभ माना जाता है। यही वजह है कि धनतेरस के दिन गोल्ड और सिल्वर की बंपर बिक्री होती है। इसके साथ ही, आज के दिन तांबे, पीतल, स्टील के बर्तनों और झाड़ू की भी बड़ी खरीदारी होती है। हालांकि, इस बार सोने-चांदी की रिकॉर्डतोड़ ऊंची कीमतों की वजह से खरीदारी में गिरावट की आशंका जताई जा रही है। अगर आप धनतेरस के मौके पर सोने और चांदी में इंवेस्ट करने का प्लान बनाए हुए हैं, तो यहां हम आपको बताएंगे कि ज्यूलरी और कॉइन में से कौन-सा ऑप्शन सबसे अच्छा रहेगा।
ज्यूलरी
गोल्ड या सिल्वर की ज्यूलरी खरीदने पर आपको 3 प्रतिशत जीएसटी के साथ भारी-भरकम मेकिंग चार्ज चुकाना होता है। मेकिंग चार्ज ज्यूलरी के डिजाइन, आइटम, वजन, कंपनियों, दुकानदारों आदि पर निर्भर करते हैं और ये 10 से लेकर 40 प्रतिशत तक हो सकते हैं। इसके अलावा, मेकिंग चार्ज पर आपको 5 प्रतिशत अलग से जीएसटी चुकाना होता है। मेकिंग चार्ज की वजह से ज्यूलरी की कुल कीमत काफी ज्यादा हो जाते हैं। लेकिन जब आप ये ज्यूलरी बेचने जाते हैं तो आपका जीएसटी तो जाता ही है, साथ ही मेकिंग में खर्च की गई मोटी रकम भी बर्बाद हो जाती है।
कॉइन
कॉइन की बात करें तो सोने और चांदी के सिक्कों पर भी आपको 3 प्रतिशत जीएसटी देना होता है। सिक्कों पर वसूला जाने वाला मेकिंग चार्ज भी अलग-अलग फैक्टर्स की वजह से 3 से लेकर 11 प्रतिशत तक हो सकता है। इसके अलावा, आपको मेकिंग चार्ज पर भी 5 प्रतिशत जीएसटी चुकाना होता है। लिहाजा, इंवेस्टमेंट के उद्देश्य से ज्यूलरी खरीदना काफी महंगा साबित होता है। जबकि, सोने या चांदी के सिक्के खरीदने पर आप ज्यूलरी की तुलना में मेकिंग चार्ज के रूप में काफी पैसा बचा सकते हैं।