भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लगातार दूसरी बार रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती कर दी है। रेपो रेट घटकर 6% पर पहुंच गया है। आरबीआई के इस फैसले से सभी तरह के लोन सस्ते होंगे। सबसे अधिक फायदा होम और कार लोन लेने वाले को होगा। हालांकि, दूसरी ओर एफडी कराने वाले को झटका लग सकता है क्योंकि बैंक लेान सस्ता करेंगे तो डिपॉजिट पर ब्याज घटाएंगे। कई बैंकों ने हाल के दिनों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज घटाने का ऐलान किया है। आपको बता दें कि HDFC, YES, बंधन जैसे कई प्रमुख बैंकों ने एफडी पर ब्याज घटा दिया है। आने वाले दिनों में दूसरे बैंक भी ब्याज घटाएंगे। इससे एफडी पर मिलने वाला रिटर्न कम होगा। इससे बचने के लिए बिना देरी एफडी करना फायदेमंद रहेगा।
3 साल की एफडी जल्द से जल्द करा लें
वर्तमान में देश के कई सरकारी और प्राइवेट बैंक के एफडी पर 7.25% से लेकर 8.65% तक ब्याज मिल रहा है। इसलिए एफडी के प्रति छोटे निवेशकों का आकर्षण बढ़ा है। हालांकि, ब्याज दरों में कटौती के बाद बैंक तेजी से ब्याज दरों में कटौती करेंगे। इससे बचने के लिए हाई इंटरेस्ट रेट पर एफडी को लॉक इन करने का सबसे बेहतरीन मौका है। आपको बता दें कि जब भी एफडी दरें गिरनी शुरू होंगी तो इसका सबसे पहला असर छोटी से मध्यम अवधि की ब्याज दरों पर पड़ेगा। इसलिए, अगर आपके पास छोटी से मध्यम अवधि (3 साल तक) के लिए निवेश करने के लिए धनराशि है तो आप अभी एफडी करा लें।
शॉर्ट-टर्म Vs लॉन्ग-टर्म FD
अगर आप शॉर्ट-टू-मीडियम-टर्म FD में निवेश करना चाहते हैं, तो जल्दी से जल्दी कदम उठाएं, क्योंकि उच्च ब्याज दरों पर बुकिंग करने का समय सीमित हो सकता है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए, मौजूदा FD दरों का लाभ उठाने के लिए थोड़ी लंबी समय-सीमा हो सकती है।
कहां पर मिल सकता है ज्यादा ब्याज
अगर आप रिस्क लेने की क्षमता रखते हैं तो स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर रुख कर सकते हैं। बैंकों के मुकाबले स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे अधिक FD पर ब्याज की पेशकश कर रहे हैं। सरकार की ओर से रिस्क को कम करने के लिए डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) द्वारा प्रदान की गई है जो 5 लाख रुपये तक के एफडी को सुरक्षा प्रदान करती है। इसलिए किसी एक स्मॉल फाइनेंस बैंक में 5 लाख रुपये से अधिक पैसा एफडी न करें।



































