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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 6 दिसंबर को बजट पूर्व सलाह-मशवरा शुरू करेंगी, जानें क्या होगी चर्चा

 Published : Dec 05, 2024 06:47 pm IST,  Updated : Dec 05, 2024 06:47 pm IST

परामर्श मीटिंग में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, वित्त सचिव और दीपम सचिव तुहिन कांता पांडे, आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ, राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ​​और वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू के मौजूद रहने की उम्मीद है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह आठवां और मोदी सरकार का दूसरा पूर्ण बजट होगा।- India TV Hindi
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह आठवां और मोदी सरकार का दूसरा पूर्ण बजट होगा। Image Source : FILE

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट बनाने की प्रक्रिया के तहत 6 दिसंबर यानी शुक्रवार को बजट-पूर्व परामर्श शुरू करेंगी। शुक्रवार को पहली मीटिंग प्रख्यात अर्थशास्त्रियों के साथ होगी। मीटिंग की अध्यक्षता करती हुईं सीतारमण चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सात तिमाहियों के सबसे कम जीडीपी प्रिंट 5.4 प्रतिशत के बीच आगामी बजट के बारे में उनसे सुझाव मांगेंगी। पीटीआई की खबर के मुताबिक, इसके बाद 7 दिसंबर को किसान संघों और कृषि अर्थशास्त्रियों तथा एमएसएमई क्षेत्र के हितधारकों के साथ बैठक होगी।

सीतारमण का आठवां पूर्ण बजट होगा

केंद्रीय बजट 2025-26 आगामी 1 फरवरी को संसद में पेश किए जाने की संभावना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह आठवां और मोदी सरकार का दूसरा पूर्ण बजट होगा, जो 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नीतिगत दिशा प्रदान करेगा। बजट पूर्व परामर्श 30 दिसंबर को भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों और सामाजिक क्षेत्र, खासकर शिक्षा और स्वास्थ्य के दिग्गजों के साथ परामर्श के साथ खत्म होगा।

ये लोग भी होंगे शामिल

खबर के मुताबिक, इस परामर्श मीटिंग में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, वित्त सचिव और दीपम सचिव तुहिन कांता पांडे, आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ, राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ​​और वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू के मौजूद रहने की उम्मीद है। चालू वित्त वर्ष के बजट में 10.5 प्रतिशत की नाममात्र जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया गया था, जबकि राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.9 प्रतिशत आंका गया था।

मोदी सरकार ने बदल दी थी बजट परंपरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने साल 2017 में फरवरी के आखिर में बजट पेश करने की औपनिवेशिक युग की परंपरा को खत्म कर दिया था। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पहली बार 1 फरवरी, 2017 को वार्षिक लेखा-जोखा पेश किया था। पुनर्निर्धारित बजट तारीख के साथ, मंत्रालयों को अब अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही उनके बजटीय फंड अलॉट किए जाते हैं। इससे सरकारी विभागों को खर्च करने के लिए अधिक छूट मिलती है और साथ ही कंपनियों को व्यवसाय और टैक्सेशन स्कीम के अनुकूल होने का समय मिलता है।

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