पश्चिम एशिया में जारी तनाव की स्थिति के कारण अप्रैल में भारत के रत्न और आभूषण निर्यात में 9.07 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस साल अप्रैल में देश का रत्न और आभूषण निर्यात घटकर 222.64 करोड़ अमेरिकी डॉलर (20,825.01 करोड़ रुपये) आ गया। रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) ने ये जानकारी दी है। बताते चलें कि पिछले साल अप्रैल में देश का कुल रत्न और आभूषण निर्यात 244.85 करोड़ अमेरिकी डॉलर (20,952.26 करोड़ रुपये) रहा था। रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद के चेयरमैन किरीट भंसाली ने बताया, "निर्यात में गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष है, जिससे वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
अमेरिका को होने वाले निर्यात पर भी पड़ा बुरा असर
किरीट भंसाली ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका को होने वाले निर्यात पर भी बुरा असर पड़ा है, क्योंकि टैरिफ को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में तराशे और पॉलिश किए गए हीरों का निर्यात 19.65 प्रतिशत घटकर 89.09 करोड़ अमेरिकी डॉलर रह गया, जो पिछले साल अप्रैल महीने में 110.87 करोड़ डॉलर था। पॉलिश किए गए लैब में बनाए गए हीरों का निर्यात 15.53 प्रतिशत घटकर 9.32 करोड़ अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि पिछले साल अप्रैल में ये 11.04 करोड़ डॉलर था। सोने के आभूषणों का निर्यात 21.77 प्रतिशत घटकर 84.15 करोड़ डॉलर रहा, जो पिछले साल अप्रैल में 1,07.56 करोड़ डॉलर था।
चांदी के आभूषण निर्यात में बंपर बढ़ोतरी
रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद ने बताया कि इस साल अप्रैल में साधारण सोने के आभूषणों के निर्यात में 47.06 प्रतिशत की भारी-भरकम गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के साथ, सोने के आभूषणों का निर्यात घटकर सिर्फ 34.10 करोड़ डॉलर पर आकर सिमट गया। परिषद ने बताया कि पिछले साल अप्रैल में देश ने 64.43 करोड़ डॉलर के सोने के आभूषणों का निर्यात किया था। हालांकि, इस साल अप्रैल में चांदी के आभूषणों के निर्यात में छप्परफाड़ तेजी देखने को मिली। GJEPC के मुताबिक, पिछले महीने चांदी के आभूषणों का निर्यात 444 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी के साथ 26.83 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल अप्रैल में 4.93 करोड़ डॉलर था।