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पुराने गैस क्षेत्रों से उत्पादित प्राकृतिक गैस की कीमत सरकार ने बढ़ाकर 7 डॉलर प्रति MMBtu की, जानें कितनी हुई महंगी?

 Published : Mar 31, 2026 07:40 pm IST,  Updated : Mar 31, 2026 08:11 pm IST

APM गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का प्रत्यक्ष तौर पर आम आदमी से कोई लेना-देना नहीं है। पुराने गैस क्षेत्रों से निकाली जाने वाली प्राकृतिक गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी वेस्ट एशिया में जारी युद्ध के बीच की गई है।

उत्पादन लागत और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है।- India TV Hindi
उत्पादन लागत और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है। Image Source : FREEPIK

सरकार ने पुराने गैस क्षेत्रों (एपीएम गैस) से उत्पादित प्राकृतिक गैस की कीमत में मंगलवार को बढ़ोतरी की है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब इन क्षेत्रों से निकाली जाने वाली गैस की कीमत 6.75 डॉलर/एमएमबीटीयू से बढ़ाकर 7 डॉलर/एमएमबीटीयू कर दी गई है। इस कदम का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में उत्पादन लागत और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए उचित मूल्य सुनिश्चित करना है। यह कीमत ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) और ऑयल इंडिया लिमिटेड के लिए बढ़ाई गई है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इजाफा

यह संशोधन 2023 में अनुमोदित मूल्य निर्धारण तंत्र के मुताबिक किया गया है। नए नियमों के तहत, ONGC और OIL के नामांकन ब्लॉकों से निकाली गई गैस की कीमत भारतीय क्रूड बास्केट की मासिक औसत कीमत का 10 प्रतिशत तय की जाएगी और इसे मासिक आधार पर घोषित किया जाएगा। नामांकन क्षेत्रों की APM गैस की कीमत के लिए न्यूनतम 4 डॉलर/एमएमबीटीयू और अधिकतम 6.5 डॉलर/एमएमबीटीयू की सीमा रखी गई थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इसे 6.75 डॉलर से बढ़ाकर अब 7 डॉलर/एमएमबीटीयू कर दिया गया है।

APM गैस की कीमत इतनी रहेगी सीमित

तेल मंत्रालय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) के अनुसार, अप्रैल 2026 के लिए घरेलू प्राकृतिक गैस की कीमत सकल ऊष्मा मूल्य (जीसीवी) के आधार पर 10.76 डॉलर/एमएमबीटीयू है, लेकिन नामांकन क्षेत्रों की APM गैस की कीमत इस अवधि में अधिकतम 7 डॉलर/एमएमबीटीयू तक सीमित रहेगी। प्राकृतिक गैस का उपयोग उर्वरक निर्माण, बिजली उत्पादन, CNG वाहन ईंधन, घरेलू रसोई गैस और विभिन्न औद्योगिक कच्चे माल के रूप में किया जाता है।

अधिकतम कीमत दो बार होती है घोषित

सरकार ने 7 अप्रैल, 2023 के नोटिफिकेशन के तहत नए कुओं और नामांकन ब्लॉकों में वेल इंटरवेंशन पर APM कीमतों में 20 प्रतिशत प्रीमियम देने की अनुमति भी दी है। इसके अलावा, कठिन क्षेत्रों जैसे डीपवाटर, अल्ट्रा-डीपवाटर और हाई-प्रेशर-हाई-टेम्परेचर (HPHT) क्षेत्रों में उत्पादित गैस को APM से अधिक मूल्य पर बेचा जा सकता है। इनकी अधिकतम कीमत PPAC द्वारा साल में दो बार घोषित की जाती है। 1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक यह सीमा 9.72 डॉलर/एमएमबीटीयू तय की गई थी। अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 की अवधि के लिए PPAC ने अभी तक अधिकतम सीमा मूल्य घोषित नहीं किया है।

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