हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में संजौली हेलीपोर्ट पर बुधवार को हरी झंडी दिखाकर हेलीकॉप्टर सेवाओं की शुरुआत की। इसे राज्य में एयर कनेक्टिविटी और टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों ने ये जानकारी दी। इसके साथ ही संजौली हेलीपोर्ट से कुल्लू में स्थित भुंतर एयरपोर्ट और रेकोंग पेयो में स्थित आईटीबीपी हेलीपैड तक के लिए डेली हेलीकॉप्टर सर्विस की शुरुआत हो गई। इसके अलावा, हफ्ते में 3 दिन यानी सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को चंडीगढ़ और संजौली हेलीपोर्ट के बीच भी हेलीकॉप्टर सर्विस ऑपरेट की जाएगी।
हेलीकॉप्टर सर्विस के लिए कितना होगा किराया
संजौली से कुल्लू के बीच हेलीकॉप्टर सर्विस का किराया प्रति यात्री 3500 रुपये, जबकि संजौली से रेकोंग पेयो के बीच 4000 रुपये होगा। इसके अलावा संजौली से चंडीगढ़ तक का किराया 3169 रुपये तय किया गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संजौली–रामपुर–रेकोंग पियो और संजौली–मनाली (एसएएसई हेलीपैड) रूट पर भी जल्द ही हेलीकॉप्टर सर्विस शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा, “इन रूटों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की मंजूरी के लिए प्रस्ताव पहले ही नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को भेजे जा चुके हैं।”
IGMC से काफी नजदीक है संजौली हेलीपोर्ट
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (IGMC) के पास स्थित संजौली हेलीपोर्ट मेडिकल इमरजेंसी के दौरान बहुत उपयोगी साबित होगा। बताते चलें कि संजौली शिमला से लगभग 6 किमी दूर एक उपनगरीय इलाका है। ये सर्कुलर रोड और विक्ट्री टनल सहित दो सड़कों से शिमला के साथ जुड़ा हुआ है। कुफरी, नालदेहरा और नारकंडा जैसे महत्वपूर्ण टूरिस्ट डेस्टिनेशन संजौली से आगे स्थित हैं। संजौली हेलीपोर्ट लगभग 15.86 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि इसका उद्घाटन 12 जनवरी, 2022 को किया गया था, लेकिन DGCA की मंज़ूरी न मिलने के कारण ऑपरेशन पहले शुरू नहीं हो पाए थे।



































