Wednesday, January 21, 2026
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अशांत क्षेत्रों में संपत्तियों-किरायेदारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए विधेयक ला रही ये सरकार, इन सेक्टरों को भी देगी बढ़ावा

राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेन्स पॉलिसी, राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी–2025 सहित कई अहम बातों पर फैसले लिए गए। इससे राज्य में स्वदेशी उत्पादन बढ़ेगा और उच्च तकनीक आधारित रोजगार के मौके जेनरेट हो सकेंगे।

Written By : Manish Bhattacharya Edited By : Sourabha Suman Published : Jan 21, 2026 04:25 pm IST, Updated : Jan 21, 2026 04:25 pm IST
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा।- India TV Paisa
Photo:BHAJANLAL SHARMA X HANDLE IMAGE राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अशांत क्षेत्रों से जुड़े नागरिकों के हितों की रक्षा, एयरोस्पेस एवं रक्षा विनिर्माण, सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों से संबंधित नीतियों के अनुमोदन सहित कई अहम निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल की बैठक में ‘दि राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इम्मूवेबल प्रोपर्टी एंड प्रोविजन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेंट्स फ्रॉम एविक्शन फ्रॉम प्रिमाइसेज इन डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल, 2026’ के प्रारूप को मंजूरी दी गई।

आगामी विधानसभा सत्र में पेश होगा विधेयक

सरकार ने माना कि राज्य के कई क्षेत्रों में जनसंख्या असंतुलन के कारण सार्वजनिक व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और आपसी मेल-जोल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे वहां अशांति की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ऐसी परिस्थितियों में स्थायी निवासियों को अक्सर अपनी संपत्तियां मजबूरी में कम कीमत पर बेचनी पड़ती हैं। इस विधेयक के लागू होने के बाद अशांत क्षेत्रों में रहने वाले स्थायी निवासियों की संपत्तियों के साथ-साथ उन संपत्तियों पर रहने वाले किरायेदारों के अधिकारों को कानूनी संरक्षण मिल सकेगा। इससे राज्य में सामुदायिक सद्भाव, सामाजिक संतुलन और सुरक्षित माहौल बनाए रखने में मदद मिलेगी। इस विधेयक को आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।

राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेन्स पॉलिसी

यह नीति राज्य को एयरोस्पेस और डिफेन्स विनिर्माण का प्रमुख हब बनाने के साथ-साथ रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करेगी। नीति का केंद्र बिंदु बड़े निवेश को आकर्षित करना, MSME, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित इकोसिस्टम का विकास करना है, जिससे आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बल मिलेगा। इस नीति के तहत एयरोस्पेस एवं डिफेन्स पार्कों में विनिर्माण उद्यमों, उपकरण एवं घटक निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं, प्रिसीजन इंजीनियरिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर, ओवरहालिंग) इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा। विनिर्माण परियोजनाओं के लिए न्यूनतम ₹50 करोड़ से ₹300 करोड़ को लार्ज, ₹300 करोड़ से ₹1000 करोड़ को मेगा और ₹1000 करोड़ से अधिक को अल्ट्रा मेगा श्रेणी में रखा गया है। सर्विस सेक्टर के लिए ₹25 करोड़ से ₹100 करोड़ को लार्ज, ₹100 करोड़ से ₹250 करोड़ को मेगा और ₹250 करोड़ से अधिक को अल्ट्रा मेगा श्रेणी में रखा गया है।

कई अतिरिक्त लाभ भी दिए जाएंगे

खबर के मुताबिक, पात्र उद्यमों को एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, 10 वर्षों तक कैपिटल अनुदान, टर्नओवर लिंक्ड प्रोत्साहन, और एम्प्लॉयमेंट बूस्टर, सनराइज बूस्टर, एंकर बूस्टर, थ्रस्ट बूस्टर जैसे अतिरिक्त लाभ दिए जाएंगे। भूमि लाभ में 10 वर्षों तक फ्लेक्सिबल लैंड पेमेंट और 5 वर्षों तक ऑफिस स्पेस लीज रेंटल सब्सिडी का लाभ शामिल है। नीति में विशेष इन्सेंटिव्स, जैसे बैंकिंग, व्हीलिंग और ट्रांसमिशन चार्जेज में छूट, फ्लेक्सिबल लैंड पेमेंट मॉडल और कैप्टिव पावर प्लांट निवेश का 51% स्थायी पूंजीगत निवेश में शामिल करना, आदि भी शामिल हैं।

उद्योगों को दीर्घकालिक राहत देने के लिए 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क से 100% छूट, मंडी शुल्क और बाजार शुल्क का 100% पुनर्भरण, स्टाम्प शुल्क और रूपांतरण शुल्क में 75% छूट और 25% पुनर्भरण की सुविधा दी जाएगी। ग्रीन इन्सेंटिव, स्किल एवं ट्रेनिंग इंसेंटिव, और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी क्रिएशन इंसेंटिव जैसी योजनाएं नीति को और अधिक आकर्षक बनाती हैं। उम्मीद है कि इस नीति से राज्य में एयरोस्पेस और डिफेन्स सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, उच्च तकनीक आधारित उद्योग स्थापित होंगे और युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी–2025

यह प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर पॉलिसी है, जो राज्य को सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिजाइन, पैकेजिंग और संबद्ध इलेक्ट्रॉनिक्स का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में अहम कदम है। नीति का उद्देश्य एंकर निवेश आकर्षित करना, विश्व-स्तरीय सेमीकंडक्टर पार्क विकसित करना और फैबलेस डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना है। इसके साथ ही प्रौद्योगिकी और कौशल संवर्धन, रिसर्च और डेवलपमेंट, तथा टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को बढ़ावा दिया जाएगा। नीति के तहत ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया गया है, जिसमें अक्षय ऊर्जा, जल दक्षता, पुनर्चक्रण और सर्कुलर पहलें शामिल हैं। पात्र इकाइयों को सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से समयबद्ध अनुमोदन की सुविधा मिलेगी।

तकनीक आधारित रोजगार के अवसर पैदा होंगे

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अनुमोदित परियोजनाओं को आकर्षक प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जिनमें 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क से 100% छूट, स्टाम्प शुल्क और भू-रूपांतरण शुल्क में 75% छूट और 25% पुनर्भरण शामिल है। पूंजी अनुदान, टर्म लोन पर 5% ब्याज अनुदान, ग्रीन प्रोजेक्ट्स पर लागत प्रतिपूर्ति, और कैप्टिव पावर प्लांट के लिए 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क छूट प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, रोजगार सृजन, स्किल और ट्रेनिंग इंसेंटिव, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी क्रिएशन और क्वालिटी सर्टिफिकेशन इंसेंटिव जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। इस नीति से राजस्थान में प्रतिस्पर्धी और मजबूत सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र का विकास होगा, स्वदेशी उत्पादन बढ़ेगा और उच्च तकनीक आधारित रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

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