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₹300 करोड़ की लागत वाली राजमार्ग परियोजनाओं को 12 महीने में करना होगा पूरा, सरकार ने नियमों में किया बदलाव

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Apr 06, 2026 10:58 pm IST,  Updated : Apr 06, 2026 10:58 pm IST

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक सर्कुलर में कहा कि अगर परियोजना जटिल है जैसे- कई रेलवे ओवरब्रिज, लंबी एलिवेटेड सड़क या सुरंग शामिल हो तो समय-सीमा बढ़ाई जा सकती है।

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जटिल परियोजनाओं को मिलेगा 12 महीने का अतिरिक्त समय Image Source : NHAI

सरकार ने 300 करोड़ रुपये तक की लागत वाली राजमार्ग परियोजनाओं के लिए 12 महीने और 301 से 500 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क निर्माण परियोजनाओं के लिए 18 महीने की बेस निर्माण अवधि तय की है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने सोमवार को कहा कि मैदानी और ऊबड़-खाबड़ वाले इलाकों में बनने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की निर्माण अवधि अब उनकी कुल सिविल लागत के आधार पर तय की जाएगी। मंत्रालय के अनुसार, पुराने नियमों में बदलाव की जरूरत महसूस हुई थी, इसलिए वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर नए दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं। इसी तरह, 501 से 1,500 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं के लिए 24 महीने की अवधि तय की गई है। 

जटिल परियोजनाओं को मिलेगा 12 महीने का अतिरिक्त समय

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक सर्कुलर में कहा कि अगर परियोजना जटिल है जैसे- कई रेलवे ओवरब्रिज, लंबी एलिवेटेड सड़क या सुरंग शामिल हो तो समय-सीमा बढ़ाई जा सकती है। मंत्रालय ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों जैसे पहाड़ काटने और ढलानों को स्थिर करने के काम को ध्यान में रखते हुए तय किए गए निर्माण समय में अतिरिक्त 12 महीने और जोड़े जाएंगे। मंत्रालय के बयान में कहा कि ये नई समय-सीमा 6 मई, 2026 के बाद शुरू होने वाली सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर लागू होंगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्रोजेक्ट्स पर लागू होगा नया नियम

ये नियम हिमालयी/पूर्वोत्तर राज्यों के पहाड़ी/पर्वतीय, खड़ी ढलान वाले इलाकों में NH प्रोजेक्ट्स पर लागू होगा जैसे- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर (जम्मू क्षेत्र को छोड़कर), लद्दाख, सिक्किम, दार्जिलिंग की पहाड़ियां, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और मेघालय। इससे पहले, मानक EPC अनुबंध दस्तावेज में समय-सीमाएं निर्धारित थीं। जिसके तहत 50 किमी से ज्यादा लंबाई वाले हाईवे और 200 मीटर से कम लंबाई वाले किसी बड़े पुल का निर्माण 24-30 महीनों में पूरा करना जरूरी था।

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