1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. बिहार में कई गुना बढ़ जाएंगी जमीन की कीमतें, राज्य में डेवलप किए जाएंगे 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप

बिहार में कई गुना बढ़ जाएंगी जमीन की कीमतें, राज्य में डेवलप किए जाएंगे 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Apr 28, 2026 11:08 am IST,  Updated : Apr 28, 2026 11:09 am IST

विनय कुमार ने कहा कि ये योजना सिर्फ आधारभूत संरचना निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि मालिकों को मजबूत बनाने का माध्यम भी है।

bihar, bihar property, bihar property rates, satellite townships, satellite townships in bihar- India TV Hindi
बिखरे और अनियमित भूखंडों को व्यवस्थित करने से बढ़ेंगी कीमतें Image Source : AFP

बिहार में जमीनों की कीमतें कई गुना बढ़ने वाली हैं। दरअसल, बिहार सरकार ने राज्य में 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप डेवलप करने का फैसला किया है। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने सोमवार को कहा कि इस योजना के तहत किसानों और भूमि मालिकों को भागीदार बनाया जाएगा और कोई भी भूमिहीन नहीं होगा। प्रस्तावित 11 सैटलाइट टाउनशिप का विकास टाउन प्लानिंग स्कीम (TPS) के तहत भूमि-पूलिंग व्यवस्था के आधार पर किया जाएगा। प्रधान सचिव ने कहा कि राज्य सरकार ने बिहार टाउन प्लानिंग स्कीम नियमावली, 2025 के तहत इन टाउनशिप के विकास का फैसला किया है। 

बिखरे और अनियमित भूखंडों को व्यवस्थित करने से बढ़ेंगी कीमतें

विनय कुमार ने कहा कि ये योजना सिर्फ आधारभूत संरचना निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि मालिकों को मजबूत बनाने का माध्यम भी है। उन्होंने बताया कि योजना क्षेत्र की प्रत्येक भूमि को चौड़ी सड़क, बिजली, ड्रेनेज और सीवर जैसी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। बिखरे और अनियमित भूखंडों को व्यवस्थित कर उनकी उपयोगिता और बाजार मूल्य बढ़ाया जाएगा। नियमित आकार के भूखंड मिलने से निर्माण कार्य भी आसान होगा। प्रधान सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य भूमि मालिकों को विकसित भूमि का अधिकतम हिस्सा वापस देना है। इसके तहत 55 प्रतिशत विकसित भूमि वापस दी जाएगी, जबकि 22 प्रतिशत भूमि सड़क और बुनियादी ढांचे के निर्माण, 5 प्रतिशत भूमि पार्क, हरियाली और सार्वजनिक सुविधाओं तथा तीन प्रतिशत भूमि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के आवास के लिए उपयोग में लाई जाएगी। शेष 15 प्रतिशत भूमि विकास लागत की भरपाई के लिए रखी जाएगी। 

टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि खरीद-बिक्री पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध

प्रधान सचिव ने कहा कि विकास के बाद जमीन की कीमतों में कई गुना बढ़ोतरी होती है, जिससे भूमि मालिकों के आर्थिक हित सुरक्षित रहते हैं। जो लोग किसी कारणवश शहर नियोजन योजना का हिस्सा नहीं बनना चाहते, उन्हें आपसी सहमति के आधार पर मुआवजा, टीडीआर (विकास अधिकार) अथवा विकसित भवन में हिस्सेदारी का विकल्प दिया जाएगा। विनय कुमार ने कहा कि प्रस्तावित टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि खरीद-बिक्री पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध किसानों और भूमि मालिकों के हितों की रक्षा के लिए है, ताकि बिचौलिये कम कीमत पर जमीन न खरीद सकें। 

आधारभूत संरचना तैयार होने के बाद संपत्ति बेच सकेंगे मालिक

योजना पूरी होने और आधारभूत संरचना तैयार होने के बाद भूमि मालिक अपनी संपत्ति को बेहतर कीमत पर बेचने या विकसित करने के हकदार होंगे। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और मसौदा योजना से लेकर भूखंडों के पुनर्गठन तक प्रत्येक चरण में भूमि मालिकों तथा आम जनता से परामर्श लिया जाएगा।

सैटेलाइट टाउनशिप क्या होता है

सैटेलाइट टाउनशिप एक छोटा कस्बा होता है, जो बड़े शहरों के पास बसाया जाता है। सैटेलाइट टाउनशिप आमतौर पर आत्मनिर्भर होते हैं और सभी मूलभूत सुविधाओं से लैस होते हैं। सैटेलाइट टाउनशिप के पास अपना बुनियादी ढांचा, सार्वजनिक सुविधाएं, व्यवसायिक केंद्र आदि होते हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा